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रेल मदद हेल्पलाइन, टॉक बैक यूनिट और अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली यात्रियों को बना रही है अधिक सुरक्षित

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रेल मदद हेल्पलाइन, टॉक बैक यूनिट और अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली यात्रियों को बना रही है अधिक सुरक्षित


कोटा, 06 अगस्त (हि.स.)। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों और स्टेशनों पर बहुस्तरीय अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करता है। माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, आपात स्थिति में सबसे पहले यात्रियों की जान बचाने, घायलों की देखभाल और फंसे हुए यात्रियों को राहत देने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

यात्रियों के लिए प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं—प्रत्येक कोच में कम से कम दो अग्निशामक यंत्र उपलब्ध हैं। पैंट्री कारों और पावर कारों में फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम तथा वॉटर मिस्ट अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं। कोचों में आग व धुआं पहचानने वाली प्रणाली के साथ ही आपातकालीन खिड़कियां भी दी गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री सुरक्षित बाहर निकल सकें।

वंदे भारत ट्रेनों के हर कोच में 4 इमरजेंसी टॉक बैक यूनिट लगाई गई हैं, जिनके माध्यम से यात्री सीधे ट्रेन मैनेजर या लोको पायलट से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही हर कोच में 4 पैसेंजर इमरजेंसी अलार्म बटन भी उपलब्ध हैं। किसी भी आपात स्थिति में यात्री इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

रेलवे ने बताया कि पूरे नेटवर्क में 177 दुर्घटना राहत ट्रेनें, 100 ब्रेकडाउन क्रेन और 170 चिकित्सा राहत इकाइयां तैनात हैं, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत सुनिश्चित करती हैं। वर्ष 2025-26 में रेलवे द्वारा 71 पूर्ण-स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की गईं, ताकि आपातकालीन तैयारियों को सतत परखा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव