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बिनोता की अम्बे माता पहाड़ी पर 3 दिन से पैंथर की चहलकदमी, मोबाइल में कैद मूवमेंट

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बिनोता की अम्बे माता पहाड़ी पर 3 दिन से पैंथर की चहलकदमी, मोबाइल में कैद मूवमेंट


चित्तौड़गढ़, 21 जुलाई (हि.स.)। जिले के बिनोता कस्बे की अम्बे माता पहाड़ी पर पिछले 3 दिनों से पैंथर की लगातार आवाजाही देखी जा रही है। पहाड़ी पर मादा पैंथर के साथ 2 शावकों के होने की वजह से वन विभाग ने अभी पिंजरा लगाने से मना कर दिया है। वहीं कुछ लोगों की और से पैंथर का मूवमेंट देखने के लिए ड्रोन उड़ाए जा रहे थे, जिस पर भी रोक लगा दी गई है। उच्च अधिकारियों को भी पूरे अभियान की जानकारी दी जा रही हैं।

वन विभाग चित्तौड़गढ़ में सहायक वनपाल बाड़ी करणपाल सिंह यादव ने बताया कि बिनोता कस्बे की अम्बे माता पहाड़ी पर मादा पैंथर व दो शावक का मूवमेंट हैं। ग्रामीणों ने पैंथर का मूवमेंट अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसके बाद क्षेत्र में दहशत फैली है। बताया गया कि एक युवक ने पुराने बस स्टैंड से और एक अन्य ने अपने मकान की छत से करीब 1300 फीट ऊंची पहाड़ी पर दानी चबूतरे के पास पैंथर को टहलते देखा और कैमरे में कैद किया। पैंथर को देखने के लिए पुराने बस स्टैंड और छतों पर चढ़ कर लोगों ने पैंथर को टहलते देखा। काफी देर तक पैंथर के दिखने से नीचे भीड़ लग गई और रास्ते में जाम तक लग गया। इसके वीडियो वायरल होने के बाद पहाड़ी की तलहटी में बसे बिनोता, भगवानपुरा भागल, शिवगढ़ आदि गांवों में पैंथर के खौफ से लोग दहशत में हैं। ग्रामीण अपने मवेशियों पर नजर रख रहे हैं और उन्हें पहाड़ी की तरफ नहीं जाने दे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात 8-9 बजे के बाद पैंथर बच्चों के साथ नीचे शिकार के लिए आता है और कुत्ता, गाय का बछड़ा लेकर चला जाता है। करीब 1 माह पहले भी इसी पहाड़ी पर नर-मादा पैंथर के साथ 2 शावक देखे गए थे। सहायक वनपाल ने बताया कि ग्रामीण पिंजरा लगाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन यहां मादा पैंथर के साथ 2 छोटे शावक हैं, इसलिए अभी पिंजरा नहीं लगाया जा सकता। जब तक शावक बड़े नहीं हो जाते, क्षेत्रवासियों को सावधानी बरतनी होगी।

सहायक वनपाल ने बताया कि पैंथर के मूवमेंट को लेकर यहां ट्रैप कैमरे लगाए थे। ऐसे मंगलवार को कैमरे बदले हैं। खोले गए कैमरों की जांच की जाएगी। विभाग ने पहाड़ी से आने वाले रास्तों और पगडंडियों पर कैमरे लगा दिए हैं और आसपास चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगा दी गई है।

सहायक वनपाल ने बताया कि ग्रामीणों से अपील की है कि रात में पहाड़ी क्षेत्र में न जाएं। घरों के बाहर तेज लाइट लगाएं और अंधेरा न रखें। इधर गनीमत है कि अभी तक पैंथर की वजह से किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। पहाड़ी क्षेत्र में वन विभाग की करीब 140 बीघा खातेदारी भूमि है और इन दिनों पहाड़ी पर हरियाली के कारण पैंथर का मूवमेंट बढ़ गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल