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नशे के खिलाफ समाज में जागरूकता बढ़ाएं सीएलजी सदस्य- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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नशे के खिलाफ समाज में जागरूकता बढ़ाएं सीएलजी सदस्य- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


जयपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस और आमजन के प्रति संवेदनशीलता की नीति से काम कर रही है। इसी कड़ी में नवचयनित सीएलजी सदस्यों की भय एवं अपराध मुक्त और सुरक्षित राजस्थान बनाने में भूमिका निर्णायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि सीएलजी सदस्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण सेतु हैं। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में वे पूर्ण सजगता से काम करें।

मुख्यमंत्री गुरुवार को बिड़ला सभागार में नवचयनित सीएलजी सदस्यों के आमुखीकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अच्छी कानून-व्यवस्था में पुलिस के साथ ही समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। पुलिस अपराध को रोकने और कानून का पालन सुनिश्चित करने का काम करती है, इसमें समाज का पूर्ण सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं को समझकर उनकी बात पुलिस और प्रशासन तक तथा पुलिस की कार्यप्रणाली को जनता तक पहुंचाने में नवचयनित सीएलजी सदस्य सक्रियता से काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदस्य सीएलजी की बैठकों को अपने क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा का प्रभावी प्लेटफॉर्म बनाएं। इसी क्रम में असामाजिक तत्वों, नशे के कारोबार, महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी समस्याओं, यातायात व्यवस्था में परेशानी एवं सामाजिक तनाव की आशंका की सूचनाएं समय पर पुलिस और प्रशासन तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटी सी सूचना भी बड़ी घटना को रोकने में मददगार साबित होती है।

उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध पर लगाम और सामाजिक सौहार्द जैसे विषय राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामाजिक स्तर पर मजबूत प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएलजी सदस्य इन विषयों पर जागरूकता और जनभागीदारी का वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएलजी सदस्य अपने विवेक से छोटे-छोटे विवादों का निष्पक्षता से समाधान का प्रयास करें। इससे पुलिस का समय गंभीर अपराधों को रोकने में लगेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहयोग के रूप में संबंध को मजबूती देना बेहद जरूरी है। इसके लिए सदस्य अपने-अपने क्षेत्र में समाज के विभिन्न वर्गों व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद बनाए रखें।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने समारोह में टोंक, बाड़मेर, धौलपुर, झालावाड़, डूंगरपुर एवं श्रीगंगानगर से वीसी के जरिए जुड़े सीएलजी सदस्यों से संवाद किया। साथ ही, उन्होंने सभागार में मौजूद विभिन्न जिलों से आए सदस्यों से कानून व्यवस्था एवं उनकी भूमिका पर चर्चा की। सीएलजी सदस्यों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित सीएलजी सदस्यों का उत्साहवर्धन किया।

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की कानून व्यवस्था सुदृढ़ बन रही है। मुख्यमंत्री का सीएलजी सदस्यों से संवाद इस दिशा में मजबूत पहल साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के ध्येय से निरंतर काम कर रही है। राजस्थान में सभी प्रकार के अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस और आमजन के मजबूत समन्वय से सुरक्षित समाज का निर्माण होता है। इस कार्य में सीएलजी सदस्य महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस लगातार सीएलजी सदस्यों से संवाद कर आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी दिशा में 75 हजार से अधिक युवाओं और 22 हजार से अधिक सुरक्षा सखियों को भी जोड़ा गया है।

आमुखीकरण समारोह में सीएलजी सदस्यों को पीपीटी के माध्यम से उनकी महत्वपूर्ण भूमिका, जिम्मेदारी एवं कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, उदाहरणों के माध्यम से उनकी उल्लेखनीय भूमिका के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था संजय कुमार अग्रवाल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं 1100 से अधिक सीएलजी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी ब्लॉक्स से 5000 से अधिक सीएलजी सदस्य वीसी के माध्यम से जुड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर