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बुद्ध पूर्णिमा पर जयपुर में 11 हजार घरों में एक साथ होगा हवन

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बुद्ध पूर्णिमा पर जयपुर में 11 हजार घरों में एक साथ होगा हवन


जयपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। समर्थ एवं शक्तिशाली राष्ट्र निर्माण की कामना के साथ अखिल विश्व गायत्री परिवार के आह्वान पर 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के दिन देशभर में गृहे-गृहे यज्ञ अभियान के तहत एक साथ 24 लाख स्थानों पर हवन होगा। राजस्थान में एक लाख घरों में सामूहिक गायत्री महायज्ञ संपन्न होगा, जबकि जयपुर में 11 हजार घरों में एक ही समय पर यज्ञ किया जाएगा।

किरण पथ, मानसरोवर स्थित श्री वेदमाता गायत्री वेदना निवारण केन्द्र और गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी, गायत्री शक्तिपीठ वाटिका, गायत्री शक्तिपीठ कालवाड़ सहित शहर के एक दर्जन से अधिक प्रज्ञा संस्थानों पर बुधवार को यज्ञ सामग्री किट तैयार कर घर-घर पहुंचाई गई। जो लोग घर पर हवन करना चाहते हैं वे इन केन्द्रों से हवन सामग्री निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं।

गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र निर्माण और वैश्विक सुख-शांति के लिए जन-जागरण को गति देना है। इसके लिए शक्तिपीठ, चेतना केन्द्र, प्रज्ञा मंडल, युवा और महिला मंडल के कार्यकर्ता पिछले दस दिनों से घर-घर संपर्क कर रहे हैं।

आचार्यगण सरल विधि से हवन संपन्न कराएंगे। नए परिवारों को जोडऩे पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम सुबह 7:30 बजे शुरू होगा, जबकि प्रतिभागियों से 7:15 बजे तक तैयार रहने को कहा गया है।

यज्ञ के बाद तरु प्रसाद के रूप में पौधों और युग साहित्य का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही रक्तदान, नेत्रदान और अंगदान का सकल्प कराया जाएगा। बुद्ध पूर्णिमा पर महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी पुस्तिकाएं भी नि:शुल्क दी जाएंगी।

गायत्री परिवार जयपुर उप जोन समन्वयक सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि इच्छुक लोग अपने नजदीकी शक्तिपीठ से नि:शुल्क सामग्री ले सकते हैं। यूट्यूब, सोशल मीडिया और मोबाइल एप के जरिए भी यज्ञ की विधि सिखाई जाएगी, ताकि लोग घर पर ही हवन कर सकें। मंदिरों, कॉलोनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी सामूहिक यज्ञ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

जयपुर में 11 हजार घरों में होने वाले यज्ञ के लिए प्रति घर में न्यूनतम 100 ग्राम हवन सामग्री, 200 ग्राम घी और 10 ग्राम कपूर का उपयोग होगा। इस हिसाब से कुल 1100 किलो हवन सामग्री, 2200 किलो घी और 110 किलो कपूर का उपयोग होगा। एक घर से पांच लोग भी हवन करते हैं तो 55 हजार लोग एक समय में हवन करेंगे जो कि एक विश्व रिकॉर्ड होगा।

यह अभियान कोरोना काल में शुरू हुआ था और अब भी जारी है। अब यज्ञ डिजिटल माध्यमों से भी जुड़ गया है। जिन लोगों का पंडितों से संपर्क नहीं है, वे ऑनलाइन विधि सीखकर यज्ञ कर सकते हैं। यज्ञ के बाद दक्षिणा भी डिजिटल माध्यम से दी जा सकती है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे दक्षिणा राशि का उपयोग पौधारोपण, परिंडे लगाने, जरूरतमंदों को भोजन कराने या बच्चों को पुस्तकें देने जैसे सेवा कार्यों में करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश