स्थानीय निकाय चुनाव: कांग्रेस का बड़ा दांव, 50% टिकट 50 साल से कम उम्र के नेताओं को मिलेंगे
जयपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इस बीच कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए आगामी निकाय और पंचायतीराज चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को देने की घोषणा की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस मुख्यालय में शहरी निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में कहा कि पार्टी पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि स्थानीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में आधे टिकट 50 साल से कम उम्र के उम्मीदवारों को दिए जाएंगे। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी जगह युवा नेतृत्व तैयार करें। डोटासरा ने कहा कि यदि 70-80 वर्ष के नेता टिकट की मांग करेंगे तो कठिनाई होगी। हालांकि शेष 50 प्रतिशत टिकट वरिष्ठ नेताओं के लिए भी उपलब्ध रहेंगे।
बैठक में डोटासरा ने उम्मीदवार चयन को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक वार्ड से दूसरे वार्ड में बार-बार चुनाव लड़ने की प्रवृत्ति अब स्वीकार नहीं की जाएगी। टिकट उसी उम्मीदवार को मिलेगा जो संबंधित वार्ड में सक्रिय हो और स्थानीय जनता से जुड़ा हो।
उन्होंने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद जोड़-तोड़ की राजनीति से बचना होगा। कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाले जनप्रतिनिधियों को पार्टी के साथ मजबूती से खड़ा रहना होगा और निकाय प्रमुख के चयन में हाईकमान के फैसले का सम्मान करना होगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने मई 2022 में आयोजित उदयपुर चिंतन शिविर के बाद जारी उदयपुर घोषणा-पत्र में 50 वर्ष से कम आयु के नेताओं को 50 प्रतिशत टिकट देने का संकल्प लिया था। अब पहली बार स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों में इस फार्मूले को लागू किया जाएगा।
कांग्रेस के इस फैसले से प्रदेश की स्थानीय राजनीति में युवाओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इससे नए चेहरों को अवसर मिलेगा और कई निकायों में राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

