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उत्तर पश्चिम रेलवे ने 308.68 करोड़ रुपये का स्क्रैप बेच कर बनाया रिकॉर्ड

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उत्तर पश्चिम रेलवे ने 308.68 करोड़ रुपये का स्क्रैप बेच कर बनाया रिकॉर्ड


जयपुर, 02 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने एवं आगामी वर्ष 2026-27 की कार्य योजना पर गुरूवार को अमिताभ महाप्रबन्धक, उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा प्रधान कार्यालय के कान्फ्रेस हॉल में प्रेस कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार महाप्रबन्धक अमिताभ के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में उत्तर पश्चिम रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आय, यात्री सेवाओं, माल ढुलाई, आधारभूत संरचना विकास एवं तकनीकी उन्नयन के क्षेत्र में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महाप्रबन्धक अमिताभ ने बताया कि यह वर्ष उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए सर्वांगीण प्रगति और दक्ष संचालन का प्रतीक रहा है। उन्होने सबसे पहले वित्तीय उपलब्धियों के बारे में बताया की वर्ष 2025-26 में उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा कुल बजट का 100 प्रतिशत व्यय किया गया। यह उच्च स्तरीय वित्तीय प्रबंधन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

अमिताभ ने यह भी बताया कि राजस्व अर्जन के क्षेत्र में भी उत्तर पश्चिम रेलवे ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। वर्ष 2025-26 में कुल सकल आय 8622 करोड़ रुपये रही, जो कि अब तक की सबसे अधिक है और पिछले वर्ष की तुलना में 7.5% की वृद्धि दर्शाती है। यात्री आय 3727 करोड़ रुपये रही, जिसमें 9.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि माल आय 3865 करोड़ रुपये रही, जो 7.2 % अधिक है। इस अवधि में कुल 18.45 करोड़ यात्रियों ने उत्तर पश्चिम रेलवे की सेवाओं का लाभ उठाया, जो एक नया रिकॉर्ड है।

उत्तर पश्चिम रेलवे माल ढुलाई के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई। वर्ष 2025-26 में 30.53 मिलियन टन माल लोडिंग की गई, जिससे निर्धारित 30 मिलियन टन का लक्ष्य पार किया गया। यह उत्तर पश्चिम रेलवे के इतिहास में दूसरी बार है जब 30 मिलियन टन का आंकड़ा पार हुआ है।

समयबद्धता के क्षेत्र में भी उत्तर पश्चिम रेलवे ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालन दर 93.03 % रही, जिससे उत्तर पश्चिम रेलवे भारतीय रेलवे में द्वितीय स्थान पर रहा। यात्रियों की सुविधा हेतु 792 विशेष ट्रेनें (8039 ट्रिप) चलाई गईं, 1864 अस्थायी कोच वृद्धि की गई तथा 23 विशेष ट्रेनों का नियमितीकरण किया गया। इसके अलावा 13 जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन प्रारंभ किया गया। आधुनिक ट्रेन सेवाओं के तहत वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार भी किया गया। वर्ष 2025-26 में जोधपुर-दिल्ली कैंट, बीकानेर-दिल्ली कैंट तथा उदयपुर सिटी-असारवा मार्ग पर नई वंदे भारत ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं। वर्तमान में कुल 5 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा स्क्रैप निपटान में भी रिकॉर्ड बनाते हुए 308.68 करोड़ रुपये का स्क्रैप विक्रय किया है।

विद्युतीकरण के क्षेत्र में उत्तर पश्चिम रेलवे ने 5549 रूट किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है, जो ब्रॉड गेज मार्ग का लगभग 99 % है। शेष 10 रूट किलोमीटर (अरनिया खुर्द-लालसोट) का विद्युतीकरण जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। वर्तमान में 78 % कोचिंग ट्रेनें एवं लगभग 61 % मालगाड़ियां विद्युत ट्रैक्शन पर संचालित हो रही हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर आधारभूत संरचना विकास में वर्ष 2025-26 में 113 किलोमीटर ट्रैक डबलिंग तथा 10 किलोमीटर नई लाइन का निर्माण पूरा किया गया।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्तमान में 1546 किलोमीटर लंबाई की नई लाइन, डबलिंग एवं गेज परिवर्तन परियोजनाएं लगभग 19,680 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त 1340 किलोमीटर की परियोजनाओं के डीपीआर रेलवे बोर्ड को प्रस्तुत किए गए हैं तथा 2451 किलोमीटर के लिए 30 सर्वे (एफएलएस) जारी हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे के 77 स्टेशनों का लगभग 4100 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। प्रमुख स्टेशनों जैसे जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर सिटी आदि का व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है। 22 मई 2025 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 5 स्टेशनों का उद्घाटन किया गया, जबकि 7 अन्य स्टेशन तैयार हो चुके हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर तकनीकी उन्नयन एवं सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। गुढ़ा-ठठाना-मिठडी के बीच 64 किलोमीटर लंबा समर्पित टेस्ट ट्रैक विकसित किया जा रहा है, जिसमें से 57.76 किलोमीटर कार्य पूर्ण हो चुका है। 313 रूट किलोमीटर पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू किया गया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए ‘कवच’ प्रणाली के अंतर्गत 5561 किलोमीटर रेल नेटवर्क स्वीकृत किया गया है। जिसमें 1586 किलो मीटर में कार्य प्रगति पर है। यह कार्य तीन चरणों में किया जा रहा है प्रथम चरण में ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने दूसरे चरण में टावर लगाने एवं तीसरे चरण में स्टेशन भवनों पर कवच का कार्य शामिल है। ऑप्टिकल फाइबर केबल कार्य का लगभग 72% पूर्ण हो चुका है तथा टावर स्थापना का कार्य तेजी से प्रगति पर है।

यात्री सुविधाओं में सुधार हेतु उत्तर पश्चिम रेलवे ने कई कदम उठाए हैं। रेल मदद पोर्टल पर शिकायत निवारण में उत्तर पश्चिम रेलवे पूरे भारतीय रेलवे में दूसरे स्थान पर रहा है। 100 प्लेटफार्म की ऊचाई बढाकर हाई लेवल किया जा चुका है तथा 50 प्लेटफार्म की ऊचाई बढाकर हाई लेवल करने का कार्य प्रगति पर हैं।साथ ही 162 स्टेशनों पर प्लेटफार्म शैल्टर का कार्य स्वीकृत है।

समग्र रूप से उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा, यात्री सुविधा एवं आधारभूत संरचना विकास के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आने वाले समय में भी उत्तर पश्चिम रेलवे भारतीय रेलवे के विकास में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा और यात्रियों को सुरक्षित, तेज एवं बेहतर सेवाएं प्रदान करता रहेगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे वर्ष 2026-27 में सुरक्षा, आधुनिक तकनीक, यात्री सुविधाओं और माल परिवहन में संतुलित एवं तेज विकास के साथ देश की रेल सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान महाप्रबन्धक अमिताभ के साथ अपर महाप्रबन्धक अशोक माहेश्वरी, मंडल रेल प्रबन्धक जयपुर रवि जैन, प्रमुख वित्त सलाहकार गीतिका पांडे, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबन्धक मदन राम देवडा, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक सीमा शर्मा, प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर अनिल कुमार जैन, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजीव श्रीवास्तव, प्रमुख मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर अनुराग गोयल, प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा, मुख्य कारखाना इंजीनियर इंन्द्रजीत दीहाना एवं उप महाप्रबन्धक शशांक सहित मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश