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ग्रीन रेलवे पहल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की उत्तर पश्चिम रेलवे ने

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ग्रीन रेलवे पहल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की उत्तर पश्चिम रेलवे ने


जयपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। पर्यावरण की स्थिरता और 'ग्रीन इंडियन रेलवे' के विजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपने रेलवे स्टेशनों, कार्यशालाओं और प्रशासनिक इकाइयों के लिए कई प्रतिष्ठित 'ग्रीन सर्टिफिकेशन' (हरित प्रमाणन) प्राप्त किए हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार यह सम्मान ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन, कचरा कम करने और टिकाऊ बुनियादी ढांचे की दिशा में किए गए उनके प्रयासों को मान्यता देता है।

प्रशासनिक कार्यालय, डीजल शेड, आबू रोड: 27 अगस्त 2026 को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काैंसिल ग्रीन सर्विस बिल्डिंग 'गोल्ड रेटिंग' प्राप्त की। यह सम्मान इसके टिकाऊ निर्माण कार्यों, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और बेहतर इनडोर पर्यावरणीय गुणवत्ता को मान्यता देता है। डीजल ट्रैक्शन ट्रेनिंग सेंटर: 13 अगस्त 2026 को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काैंसिल ग्रीन सर्विस बिल्डिंग प्रमाणन प्राप्त किया। यह इसके संसाधनों के कुशल उपयोग और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बुनियादी ढांचे की दिशा में किए गए प्रयासों को मान्यता देता है। ये प्रमाणन पर्यावरणीय प्रदर्शन को एक स्वतंत्र मान्यता प्रदान करते हैं और रेलवे प्रतिष्ठानों में निरंतर सुधार को प्रोत्साहित करते हैं।

• ऊर्जा दक्षता: नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा-कुशल उपकरणों का उपयोग, तथा बिजली की खपत में कमी, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है।

• जल संरक्षण: वर्षा जल संचयन, पानी का कुशल उपयोग, अपशिष्ट जल का उपचार और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग)।

• अपशिष्ट प्रबंधन: स्रोत पर ही कचरे को अलग करना, पुनर्चक्रण, संसाधनों की पुनः प्राप्ति और लैंडफिल में जाने वाले कचरे को कम करना।

• प्रदूषण नियंत्रण: बेहतर पर्यावरणीय तौर-तरीकों के माध्यम से वायु, जल और अन्य प्रकार के प्रदूषण को कम करना।

• सतत बुनियादी ढांचा: हरित भू-दृश्य (ग्रीन लैंडस्केपिंग), प्राकृतिक प्रकाश, हवा का आवागमन (वेंटिलेशन) और बेहतर पर्यावरणीय गुणवत्ता।

• संसाधन अनुकूलन: ऊर्जा और पानी की लागत में कमी, संसाधनों का कुशल उपयोग और लंबे समय तक परिचालन लागत में बचत।

ये उपलब्धियां पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार तौर-तरीकों को अपनाने, अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करने वाला रेलवे बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में उत्तर पश्चिम रेलवे के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं। इस तरह के प्रमाणन न केवल उठाए गए कदमों को मान्यता देते हैं, बल्कि पर्यावरणीय प्रदर्शन की निगरानी करने और अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों में भी टिकाऊ तौर-तरीकों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए एक रूपरेखा (फ्रेमवर्क) भी प्रदान करते हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे, 'ग्रीन इंडियन रेलवेज' के विजन के अनुरूप एक स्वच्छ, हरित और अधिक टिकाऊ रेलवे प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव