home page

धनतेरस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में हुई भगवान धन्वंतरि  की विधि-विधान से पूजा-अर्चना

 | 
धनतेरस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में हुई भगवान धन्वंतरि  की विधि-विधान से पूजा-अर्चना


जयपुर, 06 नवंबर (हि.स.)। धनतेरस के अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर में शुक्रवार को भगवान धन्वंतरि की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अधीन संचालित संस्थान में कुलपति प्रो. संजीव शर्मा और डॉ. सुमन शर्मा ने पूजन कर मानव समाज के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की। इस दौरान संस्थान परिसर में अखंड ज्योत भी प्रज्वलित की गई। आगामी 9 नवंबर को होने वाले विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के प्रवर्तक और चिकित्सा विज्ञान के आराध्य देव हैं। आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, रोगों की रोकथाम और शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य बनाए रखने का समग्र विज्ञान है। वर्तमान समय में आयुर्वेद की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़कर जन-जन तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने संस्थान के चिकित्सकों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से समाज के स्वास्थ्य संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया। पूजन के दौरान अखंड ज्योत प्रज्वलित कर संस्थान में सकारात्मकता, ऊर्जा, सुख-शांति और आरोग्य की कामना भी की गई।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्यों, समर्पण और संस्थान के प्रति उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सीताराम शर्मा, सुरेश डेलू और लेखराज को सम्मानित किया गया। कुलपति ने उनके योगदान की सराहना करते हुए अन्य कार्मिकों को भी अपने दायित्वों का निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में संस्थान के चिकित्सकों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर भगवान धन्वंतरि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश