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न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए डिमार्केशन का विरोध, सड़क पर उतरे स्थानीय लोग

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न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए डिमार्केशन का विरोध, सड़क पर उतरे स्थानीय लोग


जयपुर, 27 सितंबर (हि.स.)। न्यू सांगानेर रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से किए जा रहे सीमांकन के विरोध में रविवार को स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। कई महिलाएं सड़क पर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय विधायक, जेडीए प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा सरकार और प्रशासन की प्रतीकात्मक अर्थी सजाकर विरोध जताया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिन मकानों में उनके परिवार की कई पीढ़ियां रह रही हैं और जिन दुकानों से परिवारों की रोजी-रोटी चलती है, उन पर कार्रवाई की आशंका से लोग चिंतित हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने यातायात प्रभावित होने से रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद मौके पर माहौल गरमा गया। स्थानीय निवासी पूनम शर्मा ने आरोप लगाया कि डिमार्केशन सही तरीके से नहीं किया जा रहा है और कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों की समस्याएं नहीं सुनी गईं। उन्होंने कहा कि मकान टूटने से परिवारों के रोजगार और बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा।

न्यू सांगानेर रोड पर सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक करीब 2.4 किलोमीटर क्षेत्र में सड़क को 160 फीट चौड़ा करने के लिए जेडीए की ओर से डिमार्केशन और मार्किंग की जा रही है। जेडीए एनफोर्समेंट के पुलिस अधीक्षक इस्लाम खान के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच के निर्णय के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। संबंधित लोगों को नोटिस देने की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब 260 अतिक्रमण चिह्नित किए जाने हैं और इसके लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।

डिमार्केशन के दायरे में दुकानों के अलावा चबूतरे, रैंप और अन्य निर्माण भी आ रहे हैं। स्थानीय व्यापार मंडल के संरक्षक ओम राजोरिया ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ जबरदस्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका है। व्यापारियों ने त्योहारी सीजन को देखते हुए कार्रवाई के असर को लेकर भी चिंता जताई और सड़क पर वन-वे व्यवस्था का सुझाव दिया।

विरोध की सूचना पर स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे और व्यापारियों तथा स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जनता की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि लोगों को लगता है कि डिमार्केशन में पक्षपात हुआ है या गलत तरीके से निशान लगाए गए हैं तो सरकार इस मामले को देखेगी।

गोपाल शर्मा ने कहा कि जेडीए अधिकारियों से बातचीत की जा रही है और जनहित को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जेडीए के मास्टर प्लान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि समय के साथ इसमें बदलाव हुए हैं। विधायक ने कहा कि जेडीए के अस्तित्व में आने से पहले भी इस क्षेत्र में लोगों के मकान मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश