home page

नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर घर-घर दीप जलाए जाएंगे

 | 
नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर घर-घर दीप जलाए जाएंगे


जयपुर, 17 मार्च (हि.स.)। गायत्री परिवार सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की ओर से 18 मार्च की संध्या को नव संवत्सर 2083 के स्वागत में पूर्व संध्या पर घर-घर दीप जलाए जाएंगे। कम से कम पांच दीपक प्रज्वलित करने का आह्वान किया गया है। साथ ही, घरों पर धार्मिक ध्वज (झंडे) लगाने की भी अपील की गई है, ताकि पूरे क्षेत्र में उत्सव एवं आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो सके।

गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला हिंदू नव वर्ष अत्यंत पावन एवं ऐतिहासिक महत्व रखता है। गायत्री परिवार ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस पावन अवसर पर दीप प्रज्वलित कर भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का सम्मान करें तथा नव वर्ष का स्वागत श्रद्धा और उत्साह के साथ करें। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। साथ ही महाराजा विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत की शुरुआत भी इसी दिन से मानी जाती है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान श्री राम का राज्याभिषेक रावण वध के बाद इसी दिन हुआ था तथा युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी इसी तिथि को संपन्न हुआ। इसी दिन स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना की गई थी और गुरु अंगद देव जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। नव संवत्सर के साथ ही चैत्र नवरात्र का शुभारंभ भी होगा, जिससे इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। नव संवत्सर 2083 विशेष रहेगा, क्योंकि यह वर्ष 13 महीनों का होगा। 15 मई 2026 से 15 जून 2026 तक मलमास (अधिक मास) रहेगा, जो साधना, उपासना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ काल माना जाता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश