जयपुर में गूंजा नानी बाई का मायरा: भक्ति में डूबे श्रद्धालु
जयपुर, 03 जून (हि.स.)। राजधानी में बुधवार को दो स्थानों पर ‘नानी बाई का मायरा’ कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। एक ओर आराध्य देव भगवान श्री गोविंद देवजी मंदिर के सत्संग भवन में सुप्रसिद्ध कथावाचिका जया किशोरी की कथा शुरू हुई, वहीं दूसरी ओर आगरा रोड स्थित प्रेमनगर के राधा-कृष्ण मंदिर में भव्य कलश यात्रा के साथ कथा का शुभारंभ किया गया।
गोविंद देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में आयोजित पांच दिवसीय कथा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम की शुरुआत व्यास पीठ की आरती से हुई, जिसमें गणेश प्रसाद गुप्ता, राम सिंह राठौड़, दयाशंकर अग्रवाल, श्याम शरण दाधीच, नरेन्द्र पाराशर सहित कई गणमान्यजन शामिल हुए। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने से सत्संग भवन खचाखच भर गया। वीवीआईपी पास अधिक संख्या में जारी होने के कारण कई श्रद्धालुओं को बैठने के लिए स्थान नहीं मिल सका, वहीं उमस और गर्मी के बावजूद भक्ति का उत्साह बना रहा।
व्यास पीठ से जया किशोरी ने बच्चों को धार्मिक संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को भगवान की कथाएं सुनानी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ी रहे। कथा के दौरान उनके भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा परिसर ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन से जुड़े श्याम सुंदर तंवर ने बताया कि कथा 5 जून तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगी।
वहीं प्रेमनगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में कथा के शुभारंभ अवसर पर 501 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। महिलाएं सिर पर गंगाजल से भरे कलश लेकर मंगल गीत गाती हुई कथा स्थल पहुंचीं। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।
कथा के प्रथम सत्र में कथावाचक पं. उमेश महाराज ने भक्त शिरोमणि नरसी मेहता के जीवन चरित्र और उनकी भक्ति की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सच्ची और निष्काम भक्ति में वह शक्ति होती है, जो स्वयं भगवान को भी भक्त के वश में कर लेती है। कथा में संत कबीर, संत रविदास, धन्ना भक्त और मीराबाई की भक्ति गाथाओं का भी वर्णन किया गया। भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

