नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में गर्मी से बचाव के विशेष इंतजाम, वन्यजीवों के लिए कूलिंग व्यवस्था
जयपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। भीषण गर्मी को देखते हुए नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों के संरक्षण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पार्क प्रशासन ने सभी वन्यजीवों को गर्मी से राहत देने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
पार्क के सभी नाइट शेल्टर्स में जंबो कूलर्स लगाए गए हैं। टाइगर, लायन, पैंथर, भालू और हिमालयी भालू जैसे वन्यजीवों को डिस्प्ले एरिया में छोड़ने से पहले पानी से नहलाया जा रहा है। कराल एरिया को ग्रीन नेट और ग्रीन फाइबर शीट से ढक दिया गया है, ताकि सूर्य की सीधी किरणें वन्यजीवों पर न पड़ें।
डिस्प्ले एरिया में रेन गन और स्प्रिंकलर की व्यवस्था की गई है, जिससे एंक्लोजर का तापमान नियंत्रित रखा जा सके। साथ ही टाइगर, शेर, पैंथर और भालू सहित अन्य वन्यजीवों के लिए वाटर बॉडीज बनाई गई हैं, जहां वे गर्मी से राहत पाने के लिए पानी में बैठ सकते हैं। पार्क परिसर में विजिटर मार्गों और अन्य स्थानों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे वातावरण ठंडा बना रहे।
गर्मियों को ध्यान में रखते हुए वन्यजीवों के खान-पान में भी बदलाव किया गया है। भालुओं को फ्रूट आइसक्रीम, ठंडा दूध और मौसमी फल जैसे केला, सेब और तरबूज दिया जा रहा है। अत्यधिक गर्मी की स्थिति में उन्हें जौ का सत्तू भी आहार में शामिल किया जाएगा। हिरण प्रजाति के जानवरों को हरे चारे के साथ खीरा, ककड़ी और मिनरल सप्लीमेंट्स दिए जा रहे हैं।
एग्जॉटिक पार्क में हिप्पोपोटामस को विशेष रूप से तरबूज के साथ अन्य फल दिए जा रहे हैं, जबकि टाइगर और शेर के शावकों को स्पेशल डाइट के रूप में चिकन उपलब्ध कराया जा रहा है।
पार्क के उपनिदेशक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि सभी वन्यजीवों की डिवॉर्मिंग कर दी गई है और उन्हें आवश्यकता अनुसार पानी में ग्लूकोज दिया जा रहा है। साथ ही विटामिन, मिनरल सप्लीमेंट्स, इम्यूनिटी बूस्टर और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयां भी दी जा रही हैं, ताकि भीषण गर्मी का उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
पार्क प्रशासन का उद्देश्य है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने के बावजूद वन्यजीव सुरक्षित और स्वस्थ रहें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

