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पुत्र और समाज ने हत्या को बताया षडयंत्र, शासन और प्रशासन पर जड़े आरोप, मांगी सीबीआई जांच

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पुत्र और समाज ने हत्या को बताया षडयंत्र, शासन और प्रशासन पर जड़े आरोप, मांगी सीबीआई जांच


पुत्र और समाज ने हत्या को बताया षडयंत्र, शासन और प्रशासन पर जड़े आरोप, मांगी सीबीआई जांच


अजमेर, 30 जून(हि.स.)। राजस्थान की प्रमुख जेलों में एक अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुई कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या को उनके पुत्र और समाज ने बड़ा षड़यंत्र करार दिया है। समाज ने हत्या के पीछे शासन और प्रशासन की मिली भगत का आरोप लगाया है। परिवारजन ने दोषियों को उजागर करने के लिए सीबीआई जांच की मांग की है। जेल में जगन गुर्जर से संबंधित हत्या से पूर्व और बाद की सभी सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की आवाज उठाई गई ही, साथ ही पोस्टमार्टम की भी वीडियो ग्राफी कराए जाने की मांग की है। इस बीच अजमेर जिला पुलिस ने हाई सिक्योरिटी जेल के पुलिस उपाधीक्षक एवं टोंक निवासी भंवर सिंह की शिकायत पर विचाराधीन बंदी भरतपुर निवासी विष्णु उर्फ बेना पुत्र बाबूसिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि उसने गमछा से गला घाेंटकर जगन गुर्जर की हत्या कर दी। मामले की जांच सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभुसिंह को सौंप दी गई। मामले में मंगलवार शाम पुलिस एवं जिला प्रशासन के साथ गुर्जर समाज के लोगों की बातचीत के दौर जारी हैं।

अजमेर जिला कलक्टर लोक बंधु, पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़, सीओ मनीष बड़गुर्जर सहित अनेक पुलिस अधिकारी गुर्जर समाज और जगन गुर्जर के परिवारजन से बातचीत कर समझाईश में लगे हैं।

इधर,जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे समाज प्रतिनिधि प्रहलाद सिंह खटाणा ने मंगलवार सुबह धरना स्थल पर मीडिया से बात करते हुए जगन गुर्जर की हत्या के मामले में शासन प्रशासन पर अनेक आरोप जड़े और सीधे सवाल पूछे। उन्होंने प्रदेश भर के गुर्जर समुदाय से आग्रह किया कि इस साजिश से पर्दा उठाने और जगन गुर्जर के परिवारजन को न्याय दिलाने के लिए समाज को एकजुट होना होगा।

उन्होंने कहा कि जगन गुर्जर के जेल में बंद जिस विष्णु पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा है वह तो बच्चा है। जगन गुर्जर अकेला दस पर भारी पड़ने वाला था वह उसके गमछे के काबू में कैसे आ सकता है? इसकी जांच होनी चाहिए। अकेले बीहड़ में राज करने वाले पर पुलिस ने 11 लाख का ईनाम रखा था, प्रहलाद खटाणा ने आशंका जाहिर की कि यह बड़ी साजिश है। इसमें शासन और प्रशासन की मिलीभगत है। जगन गुर्जर की हत्या के पीछे कोई और है। उन्होंने अपनी आशंका का आधार बताते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली कि जगन गुर्जर को कभी आम्र्स एक्ट के तहत तो कभी धारा 151 में शांति भंग करने की आशंका में भी पकड़ कर मुकदमा बनाए जा रहे थे। जेल से बाहर आने ही नहीं दिया जा रहा था। खटाणा ने कहा कि जगन गुर्जर राजस्थान ही क्या तीन राज्यों की पुलिस के हाथ पिछले बीस सालों में नहीं आया। हर बार उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया ओर जमानत पर बाहर आया। इस बार उसे बाहर आने नहीं दिया। प्रहलाद खटाणा ने आरोप लगाया कि जगन गुर्जर की 29 जून को भरतपुर की जेल में तारीख पेशी थी लेकिन अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से उसे तारीख पेशी पर नहीं ले जाया गया। ऐसा पूर्व नियोजित साजिश के तहत किए जाने की आशंका को बल देता है।

उन्होंने जगन के भाई पप्पू गुर्जर को अलग जेल में शिफ्ट करने की भी आवाज उठाई एवं पूरे परिवार को सुरक्षा देने की भी मांग की।

प्रहलाद खटाणा ने जगन गुर्जर की जेल में हत्या को पूर्व नियोजित साजिशन हत्या होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यही वजह है कि जेल के सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए गए ताकि सबूत ना मिलें।

इधर, डकैत जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम ने आरोप लगाया कि उसने पिछले दो साल से अजमेर जेल में बंद उसके चाचा पप्पू गुर्जर का तबादला अन्यत्र करने के लिए कोर्ट, शासन, प्रशासन, राजनेताओं तक पत्र दिए किन्तु सुनवाई नहीं हुई। एक दिन पूर्व ही उसके पिता की साजिश के तहत हत्या कर दी गई। ऐसे में उसके चाचा की सुरक्षा का भी खतरा है।

समाचार लिखे जाने तक जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के बाहर पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात है। इसके अलावा मुर्दाघर को ताला लगा करके उसकी सुरक्षा में एक एएसआई स्तर के अधिकारी के साथ जवानों को तैनात किया गया है। जगन गुर्जर के शव का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं किया गया है। शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष