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मानव तस्करी रोकने के लिए महिला आयोग और आरपीएफ के बीच एमओयू

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मानव तस्करी रोकने के लिए महिला आयोग और आरपीएफ के बीच एमओयू


जयपुर, 09 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग और रेलवे सुरक्षा बल ने भारतीय रेलवे में मानव तस्करी रोकने के लिए सोमवार को जयपुर मंडल में ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया। ये ऑनलाइन कार्यशाला मंडल रेल प्रबंधक डीआरएम कार्यालय में आयोजित की गई। जिसमें आरपीएफ के अधिकारी और बल सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में उत्तर पश्चिम रेलवे के महानिरीक्षक ज्योति कुमार सतीजा, उपमहानिरीक्षक वी.सी. मल्लिकार्जुना, जयपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ओंकार सिंह सहित रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी, बल सदस्य और एनजीओ के प्रतिनिधि के साथ आरपीएफ के 100 से अधिक सदस्य मौजूद रहे।

ऑनलाइन कार्यशाला में चारों मंडलों के अधिकारी और स्टाफ भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एक दुसरे से कनेक्ट हुए। मानव तस्करी को रोकने के लिए कई विषयों पर चर्चा की गई। जिसमें मुख्य रुप से रेलवे सुरक्षा बल को लगातार सतर्क करने पर विशेष जोर दिया गया। बताया जा रहा है कि रेलवे नेटवर्क काफी बड़ा होने के कारण कई बार मानव तस्कर ट्रेन और स्टेशनों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए रेलवे सुरक्षा बल को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि ऐसे मामलों को समय रहते रोका जा सके।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के.राहटकर ने बताया कि मानव तस्करी गंभीर अपराध है। इसे रोकने के लिए सभी संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। आयोग महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तीकरण के लिए कई स्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय महिला आयोग और रेलवे सुरक्षा बल के बीच एक एमओयू किया गया है। इसके तहत दोनों संस्थाएं मिलकर महिला तस्करी को रोकने के लिए संयुक्त प्रयास करेंगी।

ऑनलाइन कार्यशाला में उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर ज्योति कुमार सतीजा ने बताया की बड़े शहरों के प्रमुख स्टेशनों पर तो निगरानी रहती है, लेकिन शहरों के आसपास के छोटे स्टेशनों पर भी नजर रखना जरूरी है। इन जगहों पर सतर्कता बढ़ाने से तस्करों को पकड़ने और कई लोगों को बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बताया कि साल 2025 में उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्र में रेलवे सुरक्षा बल ने कई बच्चों और महिलाओं को तस्करी के प्रयासों से सुरक्षित किया है। आगे भी राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ मिलकर इस दिशा में काम जारी रहेगा। कार्यशाला में शक्ति वाहिनी एनजीओ के निशिकांत ने भी मानव तस्करी के मामलों और उससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश