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आयुर्वेद विश्वविद्यालय व राजूवास बीकानेर में एमओयू

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आयुर्वेद विश्वविद्यालय व राजूवास बीकानेर में एमओयू


आयुर्वेद और पशु चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से शोध क्षेत्र में स्थापित होंगे नए आयाम

जोधपुर, 30 मई (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल एवं राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज (राजूवास) बीकानेर के कुलपति प्रो. सुमंत व्यास की उपस्थिति में शैक्षणिक, अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण एमओयू संपादित किया गया।

कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने बताया कि इस समझौते के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय पारस्परिक हित के क्षेत्रों में शिक्षण, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं अकादमिक गतिविधियों के विकास हेतु संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एवं पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अंतर्विषयक सहयोग से नवीन शोध संभावनाओं को बल मिलेगा तथा समाजोपयोगी अनुसंधान को नई दिशा प्राप्त होगी।

राजूवास, बीकानेर के कुलगुरु प्रोफेसर सुमंत व्यास ने कहा कि यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य ज्ञान, संसाधनों एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करेगा तथा पशु स्वास्थ्य, जैव विविधता, पारंपरिक चिकित्सा एवं नवाचार आधारित अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस अवसर पर संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. ए. नीलिमा रेड्डी, स्नातकोत्तर कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार सिंघल सहित दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान शिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाओं का संचालन, अकादमिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा उपलब्ध अनुसंधान एवं शैक्षणिक संसाधनों के साझा उपयोग के लिए सहयोग करेंगे।

इसके अतिरिक्त दोनों संस्थानों के शोधार्थियों, शिक्षकों एवं विशेषज्ञों को परस्पर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त होगा। एमओयू के प्रावधानों के अनुसार संयुक्त रूप से किए गए अनुसंधान कार्यों के निष्कर्षों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नलों तथा वैज्ञानिक सम्मेलनों में प्रकाशित एवं प्रस्तुत किया जा सकेगा। साथ ही बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) से संबंधित विषयों पर भी दोनों संस्थान परस्पर सहमति के आधार पर कार्य करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश