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खान विभाग ने फरवरी तक 8888 करोड़ से अधिक राजस्व जुटाया, मार्च में 1500 करोड़ का लक्ष्य

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खान विभाग ने फरवरी तक 8888 करोड़ से अधिक राजस्व जुटाया, मार्च में 1500 करोड़ का लक्ष्य


जयपुर, 04 मार्च (हि.स.)। राजस्थान खान एवं भूविज्ञान विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए फरवरी तक 12 प्रतिशत विकास दर के साथ 8888 करोड़ 80 लाख रुपए का रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण किया है। यह राशि गत वित्तीय वर्ष के फरवरी तक हुए संग्रहण से 952 करोड़ रुपए से अधिक है।

बुधवार को खनिज भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्वत, निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व संग्रहण और आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।

प्रमुख सचिव ने बताया कि फरवरी में विभाग ने 1060 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभाग के इतिहास में फरवरी का यह अब तक का सर्वाधिक संग्रहण है। निर्धारित एक हजार करोड़ रुपए के लक्ष्य को पार करने पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों की सराहना की। बैठक में मार्च के लिए 1500 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया। फील्ड स्तर पर विशेष रणनीति बनाते हुए बकाया एवं संभावित राजस्व की वसूली पर फोकस करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही बजट घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना तैयार करने और अप्रैल से खनिज ब्लॉकों व प्लॉटों के ऑक्शन की तैयारियां पूरी करने को कहा गया।

संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्वत ने मार्च में सभी कार्यालयों को अवकाश के दिनों में भी खुले रखने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके। निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि फरवरी में अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, भीलवाड़ा और राजसमंद जिलों ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मार्च का लक्ष्य भी निर्धारित समय में प्राप्त कर लिया जाएगा।

बैठक में लंबित विधानसभा प्रश्नों के समय पर उत्तर भेजने, खनिज प्लॉट और ब्लॉक तैयार करने में तेजी लाने, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की विस्तृत योजना प्रस्तुत करने तथा संपर्क पोर्टल के प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक में विभाग के अतिरिक्त निदेशक, अधीक्षण भूवैज्ञानिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर अपने-अपने क्षेत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित