बुध-शनि की बदलेगी चाल: सभी 12 राशियों पर पड़ेगा असर
जयपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। वैदिक ज्योतिष की दृष्टि से जुलाई का अंतिम सप्ताह महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन का साक्षी बनने जा रहा है। 24 जुलाई को बुध ग्रह अपनी वक्री चाल समाप्त कर मिथुन राशि में मार्गी होंगे, जबकि 27 जुलाई से शनि मीन राशि में वक्री होकर 11 दिसंबर तक कुल 138 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे।
पंडित बनवारी लाल शर्मा के अनुसार इन दोनों प्रमुख ग्रहों की चाल में बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और प्रशासनिक गतिविधियों पर भी देखने को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि बुध के मार्गी होने से लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। संचार, व्यापार, शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, लेखन, गणित और वित्तीय निर्णयों से जुड़े कार्यों में सुधार और तेजी के संकेत हैं। वहीं संवाद क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होगी। हालांकि साझेदारी वाले कारोबार, बड़े निवेश और महत्वपूर्ण आर्थिक फैसलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पंडित शर्मा ने बताया कि सात राशियों के लिए यह गोचर विशेष रूप से लाभकारी और उन्नति देने वाला रहेगा। वहीं साढ़ेसाती और ढैया से प्रभावित जातकों को धैर्य, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की आवश्यकता होगी।
उन्होंने कहा कि बुध 29 जून से वक्री चल रहे थे। उनके मार्गी होने के बाद व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। जिन लोगों की कुंडली में बुध कमजोर हैं, उन्हें भगवान गणेश की उपासना, गौ सेवा तथा वाणी में संयम रखने की सलाह दी गई है। वहीं शनि की वक्री अवधि में बुजुर्गों, दिव्यांगों और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना शुभ माना गया है।
पंडित शर्मा के अनुसार ग्रहों की बदली हुई चाल का असर केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहेगा। सरकारी नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों की समीक्षा तेज हो सकती है। शिक्षा, संचार और तकनीकी क्षेत्रों में नई पहल देखने को मिल सकती है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक नीतियों, दीर्घकालिक निवेश योजनाओं और वित्तीय सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठने की संभावना है। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में संतुलन बनने के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

