home page

राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक आयोजित

 | 
राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक आयोजित


प्राकृतिक उपज से बने आयुर्वेदिक उत्पादों को मिले बढ़ावा - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

उदयपुर/जयपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान मॉडल (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के आधार पर राज्य सरकार प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के आर्थिक सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा और समग्र उत्थान के लिए काम कर रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, आजीविका, कृषि एवं उद्यानिकी, पशुपालन, स्वरोजगार एवं कौशल विकास तथा पर्यटन से संबंधित बजट घोषणाओं एवं योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।

मुख्यमंत्री रविवार को उदयपुर के कृषि महाविद्यालय में राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पीएम जन-मन योजना का फीडबैक लिया तथा अधिकारियों को प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में आयोजित हो रही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आदिवासी परिवारों तक योजनाओं का पूर्ण लाभ पहुंचाने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समुदायों के कल्याण के लिए राज्य सरकार पर्याप्त बजट उपलब्ध करवा रही है।

उन्होंने प्रमुख बजट घोषणाओं के संबंध में निर्देश दिए कि पूर्ण गुणवत्ता के साथ विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी पहलों को धरातल पर तेजी से उतारा जाए। उन्होंने आश्रम छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों तथा खेल व सह-शैक्षणिक गतिविधियों के कुशल संचालन करने तथा उदयपुर में बनने वाली देश की प्रथम लैक्रोज अकादमी की बजट घोषणा को भी मूर्त रूप देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां-बाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खेल कूद की गतिविधियों से लाभान्वित किया जाए तथा अधिकारी इसकी निरन्तर मॉनिटरिंग भी करें। उन्होंने जनजाति क्षेत्र के विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने एवं ड्रॉप-आउट को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, अनुसूचित जनजाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा विभाग की छात्रवृत्ति योजना एवं कालीबाई भील मेधावी स्कूटी योजना से विद्यार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के जरिए जरूरतमंद युवाओं को भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के समुचित अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना के जरिए वंचित महिलाओं एवं बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने तथा लाडो प्रोत्साहन योजना के माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों को जोड़कर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनजाति क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स एवं टेली-मेडिसिन सेवाओं के बेहतर संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने सिकल सेल रोग एवं एनीमिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, आईसीडीएस के माध्यम से पोषण अभियान में गति लाने तथा कुपोषण के विरूद्ध विशेष कार्य-योजना बनाकर काम करने एवं बच्चों को मिलेट्स के जरिए न्यूट्रिशन उपलब्ध करवाने के लिए निर्देशित किया।

उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में रह रहे आमजन की आजीविका को बढ़ाने के लिए डबल इंजन की सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है। इसी दिशा में किसानों को कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा पशुपालकों को जनकल्याणकारी योजनाओं से अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित किया जाए। उन्होंने युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने तथा कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीविका से जुड़ी जनजाति महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे उनके कौशल में वृद्धि हो और वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर आय में वृद्धि कर सकें। साथ ही, प्राकृतिक उपज का उपयोग कर आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने राजीविका उत्पादों की राजकीय संस्थाओं में खरीद के लिए संबंधित विभागों की कमेटी बनाने तथा राजीविका महिलाओं को जवाहर कला केन्द्र, बीकानेर हाउस में आयोजित होने वाले मेलों में भी प्रोत्साहन देने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने वन-धन विकास केन्द्रों के जरिए जरूरतमंदों को प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी आजीविका में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में ईको एवं ट्राइबल पर्यटन के विकास की अपार संभावना है। इसके लिए जनजाति कला एवं संस्कृति का संवर्धन एवं संरक्षण कर जनजाति आस्था केन्द्रों के विकास का भी रोडमैप बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने हर 2 माह में मुख्य सचिव स्तर पर राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद् की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे विकास कार्यों की निरन्तर मॉनिटरिंग की जा सके। उन्होंने जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री और संबंधित विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यों के अवलोकन के निर्देश दिए। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझावों को अपनाकर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भी निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर के फलासिया पंचायत समिति के जालमपुर गांव निवासी प्रगतिशील किसान प्रेमचंद कपाया को जैविक, पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘किसान ब्रांड एंबेसडर’ बनाया तथा कोटा स्थित जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया है। उल्लेखनीय है कि झाड़ोल के बीड़ा गांव में ग्राम विकास चौपाल में कृषक प्रेमचंद ने मुख्यमंत्री को बताया था कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने वर्षों से जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, बागवानी, पशुपालन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर सफलता पाई है। अब प्रेमचंद प्रदेश के किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण देंगे।

बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, विधायकगण, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अखिल