उच्च शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु एमडीएसयू और एमिटी यूनिवर्सिटी के बीच समझौता
अजमेर, 3 जून (हि.स.)। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू), अजमेर के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) तथा एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान, जयपुर के बीच उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप यह सहयोग शिक्षक विकास, शोध उत्कृष्टता, शैक्षणिक नेतृत्व तथा डिजिटल शिक्षण को नई दिशा प्रदान करेगा।
समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, रिफ्रेशर एवं ओरिएंटेशन कोर्स, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इनमें डिजिटल पेडागॉजी, आईसीटी आधारित शिक्षण, मूल्यांकन सुधार, शोध पद्धति, बौद्धिक संपदा अधिकार, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साझेदारी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, बहुविषयक शिक्षा, छात्र-केंद्रित अधिगम तथा शैक्षणिक प्रशासन को सशक्त बनाने के लिए कुलगुरुओं, प्राचार्यों और विभागाध्यक्षों के लिए नेतृत्व एवं सुशासन संबंधी प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वेबिनार, सम्मेलन और अकादमिक संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
एमडीएसयू के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने इसे शिक्षकों को सशक्त बनाने और शोध उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के कुलसचिव डॉ. नितिन भारद्वाज ने कहा कि यह समझौता ज्ञान साझेदारी, नवाचार और वैश्विक मानकों पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगा। इस अवसर पर कुलसचिव कैलाश चंद्र शर्मा एवं एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. शिव प्रसाद भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

