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आरएएस परीक्षा में बाड़मेर, जैसलमेर व जोधपुर का दबदबा

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आरएएस परीक्षा में बाड़मेर, जैसलमेर व जोधपुर का दबदबा


बाड़मेर के दिनेश बिश्नोई टॉपर, जैसलमेर के वीरेंद्र चारण दूसरे स्थान पर

जोधपुर, 18 अपै्रल (हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से शनिवार को राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024 का फाइनल परिणाम जारी कर दिया। इसमें 2 हजार 391 अभ्यर्थियों को वरीयता सूची में सम्मिलित किया गया है. साथ ही परिणाम के साथ टॉप 20 की मेरिट लिस्ट भी आयोग ने जारी की है. मेरिट लिस्ट में बाड़मेर के दिनेश बिश्नोई ने प्रथम, जैसलमेर के वीरेंद्र चारण ने द्वितीय और भीलवाड़ा के नवनीत शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया है. वहीं जोधपुर से चार अभ्यर्थी भी सिलेक्ट हुए है। टॉप-20 लिस्ट में बालोतरा के भी कैंडिडेट्स है।

आरएएस-2024 के एग्जाम में बाड़मेर जिले के भलीसर गांव के रहने वाले दिनेश विश्नोई ने पहली रैंक हासिल की है। इससे पहले आरएएस-2023 एग्जाम में उनकी 57वीं रैंक थी और वे ग्राम सेवक थे। वर्ष 2023 के एग्जाम में आरपीएस कैडर मिला था। अभी वे जयपुर में ट्रेनिंग ले रहे हैं। पिता रामधन मांजू जिला शिक्षा अधिकारी से रिटायर्ड हो चुके है। वहीं मेरिट में दूसरे नंबर पर जैसलमेर जिले के पोकरण विधानसभा क्षेत्र के रामपुरिया गांव के वीरेंद्र चारण आए है।

टॉपर रहे दिनेश विश्नोई के दूसरे स्थान पर आए वीरेन्द्र चारण से केवल आधा माक्र्स ज्यादा है। वीरेंद्र के पिता जेठूदान चारण वर्तमान में जैसलमेर पुलिस में हैड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। इससे पिछली परीक्षा में भी उनका चयन तहसीलदार के पद पर हुआ था और वर्तमान में वे इसकी ट्रेनिंग ले रहे हैं। जैसलमेर के मेघा गांव के स्वरूप सिंह भाटी ने भी परीक्षा में 25वीं रैंक हासिल की है।

आरएएस परीक्षा-2024 के टॉप-20 की लिस्ट में जोधपुर के चार कैंडिडेट शामिल हैं। जोधपुर के दिनेश ने प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल कर जिले में टॉप किया है। उन्होंने अपनी निरंतर मेहनत से टॉप-10 में जगह बनाई है। मूलत: बालोतरा निवासी भूपेंद्र ने नौवीं रैंक प्राप्त की है। जोधपुर के मधुबन सरकारी स्कूल में तृतीय श्रेणी शिक्षक यशवंत सांदू ने 11वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता हैंडीक्राफ्ट व्यवसायी हैं। वहीं शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बालेसर कस्बे (हिम्मतनगर) निवासी चंदनसिंह इंदा ने आरएएस-2024 में 14वीं रैंक हासिल की है। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले चंदनसिंह ने भारतीय वायुसेना में 14 वर्षों तक सेवाएं दीं और इसी दौरान तैयारी कर 2021 में आरएएस (221वीं रैंक) में चयनित होकर राजस्थान लेखा सेवा जॉइन की, जहां वे वर्तमान में डूंगरपुर जिला परिषद में सेवारत हैं। वर्ष 2023 में भी उनका चयन राजस्थान तहसील सेवा में हुआ था, लेकिन एसडीएम बनने के लक्ष्य के चलते उन्होंने वह पद जॉइन नहीं किया और 2024 में यह शानदार मुकाम हासिल किया। इनके अलावा दिलीप सिंह 461 वीं रैंक और कंचन राजपुरोहित पुत्री रूप सिंह राजपुरोहित की 687 वीं रैंक आई है। बालेसर कस्बे के ढांढणिया भायला गांव निवासी मंगलाराम पालियाल ने 132 वी रैंक हासिल की है। वह वर्तमान में राउमावि दूधाबेरा में शिक्षक के रूप में कार्यरत है। बालेसर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत जुडिया निवासी प्रतापसिंह भाटी ने 464 वी रैंक हासिल की है। बालेसर पंचायत समिति के सिंहादा निवासी उम्मेद चारण ने 372 वी रैंक हासिल की है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश