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वाणिज्यिक कर विभाग की राज्यभर में बड़ी कार्रवाई, कई जिलों में करोड़ों की कर अनियमितताएं उजागर

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वाणिज्यिक कर विभाग की राज्यभर में बड़ी कार्रवाई, कई जिलों में करोड़ों की कर अनियमितताएं उजागर


जयपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और अन्य कर अनियमितताओं के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने शुक्रवार को राज्यव्यापी अभियान चलाते हुए राजसमंद, बाड़मेर, जयपुर, प्रतापगढ़ और जैसलमेर सहित कई जिलों में एक साथ सर्वे और जांच कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में कई फर्मों द्वारा कर कानूनों के उल्लंघन, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने तथा कर देयता कम दर्शाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ स्थित ओशन रियलमार्ट प्राइवेट लिमिटेड की जांच में करीब 45 लाख रुपये की कर अनियमितता चिन्हित की गई। कंपनी ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए 38.82 लाख रुपये का अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट स्वेच्छा से वापस कर दिया है, जबकि मामले की विस्तृत जांच जारी है। बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना स्थित शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई में निरस्त जीएसटी पंजीकरण वाले आपूर्तिकर्ताओं से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और जीएसटी रिटर्न में कर देयता कम दर्शाने के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 41 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई है।

जयपुर के सिरसी क्षेत्र स्थित राज कंस्ट्रक्शंस में जांच के दौरान पात्रता से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान फर्म ने 17.80 लाख रुपये की कर राशि स्वेच्छा से जमा कराई, जबकि शेष दस्तावेजों की जांच जारी है।

प्रतापगढ़ जिले के बामोतर स्थित इंद्रा सागर टारपॉलिन के खिलाफ कार्रवाई में करीब 7 लाख रुपये के अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया। जांच के दौरान फर्म ने 6.10 लाख रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।

वहीं, जैसलमेर में स्वागत ट्रेवल्स पर की गई सर्वे कार्रवाई में लगभग 30 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता चिन्हित की गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि फर्म ने कर प्रावधानों के अनुरूप इनपुट टैक्स क्रेडिट का समुचित समायोजन नहीं किया। इस मामले की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

वाणिज्यिक कर विभाग ने बताया कि सभी मामलों में संबंधित करदाताओं के लेखा-जोखा, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और अन्य कर अनियमितताओं के खिलाफ राज्यभर में अभियान लगातार जारी रहेगा तथा राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित