शिवपुरी धाम के महंत सनातनपुरी महाराज का निधन, आश्रम परिसर में दी गई समाधि
कोटा, 09 मार्च (हि.स.)। कोटा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शिवपुरी धाम के महंत सनातनपुरी महाराज का निधन हो गया। सोमवार सुबह उनकी अंतिम दर्शन यात्रा मंदिर से निकाली गई, जो जय श्री विहार और कंचन रिसॉर्ट थेकड़ा होते हुए शिवपुरी धाम पहुंची। कई साधु-संत और श्रद्धालु इस दौरान मौजूद रहे। संतों की उपस्थिति में आश्रम परिसर में ही महंत सनातनपुरी महाराज को समाधि दी गई।
महंत सनातनपुरी महाराज पिछले करीब दस दिनों से जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, जहां गंभीर स्थिति के चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। रविवार देर रात उन्हें वापस कोटा लाया गया, जहां आश्रम पहुंचने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। आश्रम के सेवादार आकाश के अनुसार महाराज कुछ समय से अस्वस्थ थे और उन्हें लिवर व किडनी संबंधी समस्याएं थीं। इसी कारण जयपुर के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हालत अधिक बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, बाद में डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें कोटा लाया गया।
महंत सनातनपुरी महाराज राणा रामपुरी के शिष्य थे और थेकड़ा स्थित शिवपुरी धाम के संरक्षक के रूप में सेवा कर रहे थे। शिवपुरी धाम में 525 शिवलिंग स्थापित हैं, जो कोटा क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक माना जाता है। वर्ष 2022 में उनके लिवर में गांठ का ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद से उनका स्वास्थ्य कमजोर रहने लगा था, फिर भी वे मंदिर की सेवा-पूजा और धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे। करीब दस दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर पहले कोटा और फिर जयपुर ले जाया गया था।
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 के अंत में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कोटा आए थे और उन्होंने सनातनपुरी महाराज से भेंट की थी। इस दौरान दोनों के बीच सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को लेकर चर्चा हुई थी और धीरेंद्र शास्त्री ने उनका आशीर्वाद लिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

