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परशुराम कुंड में राजस्थान की कला का विराट स्वरूप, 54 फीट ऊंची पंचधातु प्रतिमा बनी आस्था का नया केंद्र

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परशुराम कुंड में राजस्थान की कला का विराट स्वरूप, 54 फीट ऊंची पंचधातु प्रतिमा बनी आस्था का नया केंद्र


जयपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध परशुराम कुंड में अब राजस्थान की शिल्पकला का विराट स्वरूप नजर आएगा। यहां राजस्थान में तैयार की गई भगवान परशुराम की 54 फीट ऊंची पंचधातु प्रतिमा स्थापित हो चुकी है। प्रतिमा का अनावरण मकर संक्रांति से पहले प्रस्तावित है। मकर संक्रांति के अवसर पर देशभर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं के परशुराम कुंड पहुंचने को देखते हुए अनावरण समारोह को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं।

इस आयोजन को देशव्यापी स्वरूप देने के लिए अयोध्या से परशुराम कुंड तक ‘श्रीराम से परशुराम’ आमंत्रण रथयात्रा निकालने की तैयारी भी शुरू हो गई है। प्रस्तावित रथयात्रा विभिन्न राज्यों से होकर गुजरेगी और लोगों को प्रतिमा अनावरण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देगी। साथ ही परशुराम कुंड को प्रमुख राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में विकसित करने का संदेश भी देशभर तक पहुंचाया जाएगा।

इस विशाल पंचधातु प्रतिमा का निर्माण राजस्थान के प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश मालीराम वर्मा ने किया है।

प्रतिमा की ऊंचाई 54 फीट होने के कारण यह परशुराम कुंड परिसर में दूर से ही श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है। प्रतिमा के अनावरण को भव्य बनाने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार और विप्र फाउंडेशन संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटे हैं।

प्रतिमा अनावरण और आमंत्रण रथयात्रा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश सरकार और विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। उपमुख्यमंत्री चाउना मीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे विप्र फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने अनावरण समारोह की रूपरेखा, रथयात्रा के प्रस्तावित मार्ग और अरुणाचल पहुंचने के बाद होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की।

उपमुख्यमंत्री ने आयोजन को व्यापक स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या से अरुणाचल तक पहुंचने वाली रथयात्रा देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का माध्यम बनेगी।

परशुराम कुंड को प्रमुख राष्ट्रीय तीर्थ और धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी परियोजना में 54 फीट ऊंची पंचधातु प्रतिमा को प्रमुख आकर्षण के रूप में देखा जा रहा है।

प्रतिमा के अनावरण के जरिए देशभर में परशुराम कुंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक बनाने की तैयारी है।

बैठक में विप्र फाउंडेशन की ओर से सुशील ओझा के नेतृत्व में मूर्ति प्रकल्प अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी, संयोजक परमेश्वर शर्मा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा, असम जोन अध्यक्ष संजय त्रिवेदी, महामंत्री रमेश शर्मा, इस्पेक चेयरपर्सन डॉ. हर्षा त्रिवेदी, प्रभारी प्यारेलाल शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मुकेश काका, अरुणाचल प्रदेश महामंत्री भवानी पारीक और उपाध्यक्ष नीलू शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित