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तीन माह से श्वासनली में फंसी मूंगफली निकाली, ऑटिज्म पीड़ित मासूम के फेफड़े को बचाया

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तीन माह से श्वासनली में फंसी मूंगफली निकाली, ऑटिज्म पीड़ित मासूम के फेफड़े को बचाया


जयपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर के विशेषज्ञों ने तीन वर्षीय ऑटिज्म पीड़ित बच्चे की श्वासनली में तीन महीने से फंसी मूंगफली और उसका छिलका सफलतापूर्वक निकालकर उसके फेफड़े को संभावित स्थायी क्षति से बचाया। ऑटिज्म के कारण बच्चा अपनी परेशानी बता नहीं सका, जिससे बीमारी का पता लगाने में देरी हुई।

बच्चा पिछले तीन माह से लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, रात में बेचैनी और नींद में बाधा से परेशान था। प्रारंभ में उसका उपचार अस्थमा मानकर किया गया, लेकिन लाभ नहीं मिला। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल में डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने जांच के दौरान परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर सीटी स्कैन कराया, जिसमें बाईं श्वासनली में करीब 4×6 मिमी आकार की छिलके सहित मूंगफली फंसी मिली और आसपास के ऊतकों में सूजन पाई गई।

इसके बाद डॉ. शर्मा के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने सामान्य एनेस्थीसिया के तहत करीब 20 मिनट की रिजिड ब्रोंकोस्कोपी कर मूंगफली सुरक्षित निकाल दी। उपचार के बाद बच्चे की सभी तकलीफें दूर हो गईं और अगले दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों में भोजन या छोटी वस्तु का श्वासनली में फंसना सामान्य है, लेकिन समय पर पहचान नहीं होने पर फेफड़ों को स्थायी नुकसान हो सकता है। वहीं, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. मनीष अग्रवाल ने कहा कि यह सफलता अनुभवी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम, आधुनिक तकनीक और रोगी-केंद्रित उपचार का परिणाम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश