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भगवान परशुराम जन्मोत्सव:शस्त्र और शास्त्र के पूजन से गूंजा जयपुर

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भगवान परशुराम जन्मोत्सव:शस्त्र और शास्त्र के पूजन से गूंजा जयपुर


जयपुर, 23 अप्रैल (हि.स.)। भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह के तहत गुरुवार को राजधानी के विद्याधर नगर में शस्त्र एवं शास्त्र पूजन का भव्य आयोजन किया गया। सर्व ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विप्रजनों ने शस्त्रों की शक्ति और शास्त्रों के ज्ञान की महत्ता को नमन किया।

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में भगवान परशुराम के प्रतीक चिन्ह 'फरसे' और 'तलवार' के साथ-साथ रामायण, श्रीमद्भगवद् गीता और श्री परशुराम ग्रंथ का विधि-विधान से पूजन किया गया।

इस अवसर पर पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान परशुराम मातृ-पितृ भक्ति के सर्वोत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे न केवल ब्राह्मणों के आराध्य हैं, बल्कि वे पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने आतंक के खिलाफ शस्त्र उठाया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को शस्त्र और शास्त्र, दोनों का ज्ञान होना अनिवार्य है।

समारोह के दौरान उपस्थित ब्राह्मण समाज के लोगों को 'सर्वजन सुखाय-सर्वजन हिताय' की भावना से कार्य करने की शपथ दिलाई गई। समाज के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में ब्राह्मण समाज अपना सर्वोपरि योगदान देगा और समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद की जाएगी।

कार्यक्रम संयोजक एवं युवा प्रकोष्ठ के जयपुर संभाग अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि पूरे प्रदेश में शोभायात्राओं और पूजा-अर्चना के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्याधर नगर स्थित शिवम टेक्सटाइल में हुए इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां जिनमें प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक आचार्य राजेश्वर, राष्ट्रीय महामंत्री मुकेश भारद्वाज,प्रदेश युवा अध्यक्ष गब्बर कटारा, जयपुर शहर अध्यक्ष अजय शर्मा, और पार्षद दिनेश कांवट शामिल हुईं। इनके साथ ही बाबूलाल शर्मा, अशोक शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, भरत शर्मा, एडवोकेट कमलेश शर्मा और सौम्या मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गौरतलब है कि भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह 12 अप्रैल से शुरू हुआ था, जो आगामी 26 अप्रैल 2026 तक विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के साथ जारी रहेगा। कार्यालय सचिव हर्ष शर्मा ने बताया कि समाज की एकजुटता और संस्कृति के संरक्षण के लिए यह आयोजन मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश