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पुलिस लाइन में गूंजी अंतिम सलामी, थाना प्रभारी को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

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पुलिस लाइन में गूंजी अंतिम सलामी, थाना प्रभारी को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि


पुलिस लाइन में गूंजी अंतिम सलामी, थाना प्रभारी को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि


पुलिस लाइन में गूंजी अंतिम सलामी, थाना प्रभारी को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि


पुलिस लाइन में गूंजी अंतिम सलामी, थाना प्रभारी को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि


पुलिस लाइन में गूंजी अंतिम सलामी, थाना प्रभारी को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि


भीलवाड़ा, 06 अगस्त (हि.स.)। वर्दी के सम्मान, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सौम्य व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले भीलवाड़ा के सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। गोली लगने की घटना के बाद उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था। भीलवाड़ा पुलिस लाइन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में भावनाएं उस समय छलक उठीं, जब पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अपने जांबाज साथी को अंतिम सलामी दी। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद हर आंख नम थी और वातावरण शोक से बोझिल हो उठा।

भीलवाड़ा पुलिस लाइन में आयोजित राजकीय श्रद्धांजलि समारोह में पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने दिवंगत अधिकारी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि लोकपाल सिंह ने अपने सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन की जो मिसाल कायम की, उसे पुलिस विभाग सदैव याद रखेगा।

श्रद्धांजलि समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, जिले के विभिन्न थाना प्रभारी, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर दिवंगत अधिकारी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अंतिम विदाई के दौरान पुलिस टुकड़ी ने शस्त्र झुकाकर राजकीय सलामी दी। इस मार्मिक दृश्य ने वहां उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।

मंगलवार शाम सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह अपने नेहरू विहार स्थित राजकीय आवास पर नाकाबंदी ड्यूटी के लिए तैयार हो रहे थे। इसी दौरान उनकी सर्विस रिवॉल्वर से अचानक गोली चल गई, जो उनकी कनपटी में जा लगी। गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें तत्काल महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा पहुंचाया गया।

चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उदयपुर के गीतांजलि अस्पताल रेफर किया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन बुधवार सुबह उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन का समाचार मिलते ही पुलिस विभाग सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिवंगत अधिकारी का पार्थिव शरीर उदयपुर से भीलवाड़ा लाया गया। पुलिस लाइन में अंतिम दर्शन के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन का तांता लगा रहा। सहकर्मी अधिकारियों के चेहरों पर गहरा दुःख साफ दिखाई दे रहा था। वर्षों तक साथ काम करने वाले पुलिसकर्मियों ने अपने साथी को नम आंखों से विदा किया।

श्रद्धांजलि सभा के बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव, जिला अजमेर, ले जाया गया। वहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में भीलवाड़ा और अजमेर जिले के पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। गांव का माहौल पूरी तरह शोकमग्न रहा। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय अधिकारी को विदाई दी।

लोकपाल सिंह पुलिस महकमे में एक अनुशासित, ईमानदार और संवेदनशील अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान रखते थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की समस्याओं के समाधान और निष्पक्ष पुलिसिंग के लिए सराहनीय कार्य किए। सहकर्मियों के बीच वे अपने सहज व्यवहार, विनम्रता और टीम भावना के लिए भी सम्मानित थे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लोकपाल सिंह का असामयिक निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने सेवाकाल में जिस समर्पण और निष्ठा से दायित्वों का निर्वहन किया, वह युवा पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद