रेलवे अस्पताल स्टाफ ने सीखे जीवनरक्षक गुर
जोधपुर, 04 अगस्त (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित विकास केंद्र में मंगलवार को रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चिकित्सा क्षेत्र की नवीन तकनीकों और आपातकालीन उपचार पद्धतियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का मुख्य आकर्षण सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का व्यावहारिक प्रदर्शन रहा।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशानुसार आयोजित प्रशिक्षण शिविर में मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव शुक्ला, डॉ. प्रद्युम्न साहू सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। डॉ. प्रद्युम्न साहू ने सीपीआर की आवश्यकता, इसकी सही विधि, सावधानियों और महत्व पर प्रकाश डालते हुए डमी (मैनिकिन) के माध्यम से इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण में मेडिकल, तकनीकी एवं नर्सिंग स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में लगातार नए शोध और तकनीकों का विकास हो रहा है। ऐसे में मेडिकल स्टाफ का समय-समय पर प्रशिक्षित होना आवश्यक है, ताकि मरीजों को आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सीताराम बुनकर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने,मरीजों की सुरक्षा तथा नवीन उपचार पद्धतियों के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। सत्र के अंत में प्रतिभागियों के ज्ञान का आकलन करने के लिए ऑनलाइन क्वीज का आयोजन किया गया, जिसमें मेडिकल, नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्वीज के माध्यम से प्रशिक्षण में बताए गए विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे गए और प्रतिभागियों की समझ का मूल्यांकन किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

