औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस चौकी, चिकित्सालय, विद्यालय और क्रेच के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया हुई सरल
जयपुर, 01 मई (हि.स.)। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमियों, श्रमिकों और स्थानीय नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रीको द्वारा नियमों में किए गए नए संशोधनों के तहत अब औद्योगिक क्षेत्रों में आवश्यक जनसुविधाओं के विकास के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुगम बनाया गया है।
रीको भूमि निस्तारण नियम, 1979 के नियम 3 (जी) में आंशिक संशोधन करते हुए पुलिस चौकी, कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बाल देखभाल केंद्र (क्रेच) और राजकीय विद्यालयों के लिए भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है। इस नई व्यवस्था से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों और उद्यमियों को कार्यस्थल के निकट ही स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और बाल देखभाल जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
नए प्रावधान के अनुसार पुलिस चौकी की स्थापना के लिए अधिकतम एक एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित की जाएगी। इसके लिए केवल 10 रुपये का एकमुश्त आर्थिक किराया लिया जाएगा तथा किसी प्रकार का सेवा शुल्क नहीं देना होगा। इसी प्रकार सेवा क्षेत्र में राजकीय विद्यालयों के लिए भी भूमि निःशुल्क दी जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग अथवा विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) के माध्यम से 250 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल पर क्रेच स्थापित करने के लिए भी भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यहां भी केवल 10 रुपये का एकमुश्त किराया लिया जाएगा और सेवा शुल्क पूर्णतः माफ रहेगा।
इस व्यवस्था से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को अपने बच्चों की देखभाल के लिए कार्यस्थल के पास ही सुरक्षित सुविधा मिल सकेगी।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को कैलिब्रेशन टावर के लिए 500 वर्गमीटर तक तथा उपभोक्ता मामले विभाग को कार्यशील और द्वितीयक मानक प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए क्रमशः 350 और 660 वर्गमीटर तक भूमि निःशुल्क दी जाएगी। अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होने पर प्रचलित दरों के अनुसार आवंटन किया जाएगा।
रीको के इन नए प्रावधानों से औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा। इससे न केवल उद्योगों को अधिक अनुकूल वातावरण मिलेगा, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

