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जन्माष्टमी पर बाजारों में लड्डू गोपाल के श्रृंगार, डिजाइनर पोशाकों और मयूर झूलों की बढ़ी जबरदस्त मांग

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जन्माष्टमी पर बाजारों में लड्डू गोपाल के श्रृंगार, डिजाइनर पोशाकों और मयूर झूलों की बढ़ी जबरदस्त मांग


जयपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जयपुर में लड्डू गोपाल के श्रृंगार की तैयारियां तेज हो गई हैं। जन्मोत्सव पर कान्हा को नई और आकर्षक पोशाक पहनाने के लिए बाजार में डिजाइनर पोशाकों की मांग बढ़ गई है। मंदिरों के साथ ही घरों में विराजमान लड्डू गोपाल के लिए श्रद्धालु अपनी पसंद के रंग, डिजाइन और आकार की पोशाकें खरीद रहे हैं। खासतौर पर जरी, जरदोजी, मोती, नग, शीशे और स्टोन से सजी पोशाकें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं।

जन्माष्टमी के लिए तैयार की जा रही पोशाकों में पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक डिजाइन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पोशाक के साथ मुकुट, बांसुरी,कंठी, हार और अन्य श्रृंगार सामग्री भी उपलब्ध है। छोटे लड्डू गोपाल से लेकर बड़े विग्रहों के लिए अलग-अलग आकार की पोशाकें तैयार की जा रही हैं।

कारीगर पहले पोशाक का डिजाइन और स्केच तैयार करते हैं। इसके बाद कपड़े पर कढ़ाई, जरी और जरदोजी का बारीक काम किया जाता है। कई पोशाकों पर मोती और स्टोन की सजावट हाथ से की जाती है। डिजाइन और कारीगरी के आधार पर एक पोशाक तैयार करने में कई दिन लग जाते हैं।

जयपुर के बाजारों में जन्माष्टमी से पहले पोशाकों की विभिन्न रेंज उपलब्ध हैं। साधारण पोशाक से लेकर भारी कढ़ाई और विशेष डिजाइन वाली पोशाकों की कीमत अलग-अलग है। श्रद्धालु अपने आराध्य के लिए पसंदीदा रंग और डिजाइन की पोशाक चुन रहे हैं।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर राजधानी जयपुर में उत्सव का उल्लास दिखाई देने लगा है। मंदिरों में विशेष सजावट हो चुकी हे। बुधवार से रोशनी भी शुरू हो गई। वहीं घर-घर में लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। अपने आराध्य बालगोपाल को लाड़-प्यार से सजाने और उनकी सेवा करने का भक्तिभाव बाजारों में भी नजर आ रहा है। परकोटे के प्रमुख बाजारों से लेकर मानसरोवर, मालवीय नगर, विद्याधर नगर, मुरलीपुरा सहित शहर के विभिन्न इलाकों में मुकुट, बांसुरी, झूले और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है।

कान्हा के नख-शिख शृंगार के लिए श्रद्धालु थ्री-डी मुकुट, रत्नजडि़त चंद्रिका, कुंदन के कंगन, मोरपंख, नक्काशीदार बांसुरी और अन्य श्रृंगार सामग्री भी खरीद रहे हैं। कान्हा को सजाने के लिए विशेष वाटरप्रूफ मेकअप, चंदन, केसर के उबटन, फेशियल किट और सुगंधित इत्र तक बाजार में उपलब्ध हैं। दुकानदारों का कहना है कि बालगोपाल के श्रृंगार में अब पारंपरिक सामग्री के साथ आधुनिक डिजाइन वाली सामग्री की मांग भी बढ़ रही है।

कान्हा को झुलाने के लिए मयूर आकृति वाले झूले और नक्काशीदार शीशम के पालने भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। कई परिवार जन्माष्टमी के दिन घर में लड्डू गोपाल के लिए विशेष झूला और सिंहासन सजाने की तैयारी कर रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार श्रृंगार सामग्री की कीमत करीब 50 रुपए से शुरू होकर डिजाइन और गुणवत्ता के अनुसार हजारों रुपए तक पहुंच रही है।

जन्माष्टमी के लिए भगवान श्रीकृष्ण की छोटी-बड़ी मूर्तियों की भी मांग बढ़ गई है। श्रद्धालु घर में स्थापना के लिए अपनी पसंद और बजट के अनुसार कान्हा की मूर्तियां खरीद रहे हैं। इसके साथ ही भगवान को लगाए जाने वाले भोग की सामग्री की भी खरीदारी हो रही है। माखन-मिश्री, पंचामृत, धनिया पंजीरी, मेवा और अन्य पूजन सामग्री बाजार में खरीदी जा रही है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार की सामग्री भी जुटा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश