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कूनो से निकला चीता फिर पहुंचा रणथंभौर की सीमा में, गांव में मचा हड़कंप, वन विभाग सतर्क

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कूनो से निकला चीता फिर पहुंचा रणथंभौर की सीमा में, गांव में मचा हड़कंप, वन विभाग सतर्क


सवाई माधोपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर एक बार फिर चीता राजस्थान के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सीमा में पहुंच गया है। गुरुवार सुबह सवाई माधोपुर जिले के पालीघाट क्षेत्र के अजीतपुरा गांव में चीता केपी-2 की मौजूदगी से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।

सुबह करीब 5 बजे ग्रामीणों ने अजीतपुरा गांव में चीते को सड़कों पर घूमते हुए देखा। कुछ देर बाद वह खेतों की ओर चला गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और चीते की ट्रैकिंग शुरू कर दी। पालीघाट रेंजर किशन कुमार सांखला के अनुसार पालीघाट और फलौदी रेंज की संयुक्त टीम लगातार निगरानी कर रही है।

घटना की सूचना तुरंत कूनो नेशनल पार्क प्रशासन को दी गई, जिसके बाद वहां से एक विशेष टीम भी रणथंभौर पहुंच गई है।

दोनों राज्यों की टीमें मिलकर चीते की लोकेशन ट्रेस कर रही हैं और उस पर लगातार नजर रखी जा रही है।

वन विभाग के अनुसार, चीता बुधवार रात चंबल नदी पार कर पहले कोटा जिले में आया और फिर रात में ही दोबारा चंबल पार कर सवाई माधोपुर जिले में प्रवेश कर गया। गौरतलब है कि यही चीता 19 मार्च को भी कोटा जिले की सीमा में देखा गया था। इसके बाद 27 मार्च को पीपल्दा समेल गांव में इसे ट्रेंकुलाइज कर कूनो नेशनल पार्क की टीम वापस ले गई थी।

करीब 18 दिन बाद अब यह फिर से राजस्थान में पहुंच गया है।

वन विभाग के अनुसार केपी-2 के अलावा केपी-3 नामक चीते की गतिविधियां भी बारां जिले में लगातार देखी जा रही हैं। हाल ही में उसकी लोकेशन अटरू और छबड़ा क्षेत्र में ट्रेस की गई थी। करीब 8 महीने पहले कूनो की मादा चीता ‘ज्वाला’ भी करीब 130 किलोमीटर की दूरी तय कर सवाई माधोपुर जिले के बालेर गांव पहुंच गई थी, जहां उसने एक बाड़े में बकरी का शिकार किया था।

वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, चीते के पास न जाने और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित