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शिविर सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार की प्रेरक परंपरा का उदाहरण: कुलगुरु डॉ गर्ग

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शिविर सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार की प्रेरक परंपरा का उदाहरण: कुलगुरु डॉ गर्ग


बीकानेर, 08 मार्च (हि.स.)। समाजसेवी स्व. कुसुम देवी डागा की स्मृति में मुक्ति संस्था के तत्वावधान में रविवार को नत्थूसर बास स्थित ब्रह्म बगीचा परिसर में 18वें निःशुल्क घुटना दर्द निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में घुटना पीड़ित मरीजों ने पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया। इस दौरान करीब 450 मरीजों की जांच कर उन्हें निशुल्क नी-बेल्ट प्रदान किए गए तथा आवश्यक उपचार किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि समाज में सेवा भाव से किए जा रहे ऐसे आयोजन मानवता की सच्ची मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले ऐसे प्रयास समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने की। उन्होंने कहा कि कुसुम देवी डागा की स्मृति में निरंतर 18 वर्षों से आयोजित हो रहा यह शिविर सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार की प्रेरक परंपरा का उदाहरण है। ऐसे आयोजन समाज में सेवा भावना को मजबूत करते हैं।

संस्था अध्यक्ष हीरालाल हर्ष, वाणिज्य कर अधिकारी रामलाल पडिहार, जनसम्पर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरि शंकर आचार्य, पूर्व पार्षद शिवकुमार रंगा ने विचार रखे।

इस अवसर पर वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे चिकित्सकों डॉ. हेमंत व्यास, डॉ. भारती पुरोहित, डॉ. आस्था अग्रवाल और डॉ. रजा हसन भाटी का सम्मान भी किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव