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खातीपुरा स्टेशन बनेगा मेगा टर्मिनल, 205 करोड़ के कोच केयर कॉम्पलेक्स से मिलेगा नया आयाम

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खातीपुरा स्टेशन बनेगा मेगा टर्मिनल, 205 करोड़ के कोच केयर कॉम्पलेक्स से मिलेगा नया आयाम


जयपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। जयपुर के उपनगरीय खातीपुरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर मेगा टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ ट्रेनों के रखरखाव की अत्याधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिससे भविष्य में यह स्टेशन न केवल यातायात का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, बल्कि एक प्रमुख मेंटेनेंस हब के रूप में भी स्थापित होगा।

रेलवे प्रशासन के अनुसार खातीपुरा को सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित करने से नए रेल मार्गों, विशेषकर दिल्ली कॉरिडोर और अन्य लंबी दूरी के गंतव्यों के लिए ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे जयपुर जंक्शन पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा और यात्रियों को वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध होगी।

स्टेशन पर वर्तमान में 6 हाई-लेवल प्लेटफॉर्म और 8 लाइनें उपलब्ध हैं। हाई-लेवल प्लेटफॉर्म होने के कारण महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में विशेष सुविधा मिलेगी। साथ ही पर्याप्त लाइनों के कारण ट्रेनों की आवाजाही में क्रॉसिंग की बाधा नहीं होगी, जिससे संचालन अधिक सुगम और व्यवस्थित रहेगा।

खातीपुरा स्टेशन पर ट्रेनों के परिचालन के बाद खड़ा रखने के लिए अतिरिक्त स्टेबलिंग लाइनों का निर्माण किया गया है। जयपुर की ओर धुलाई, टेस्टिंग, निरीक्षण, हेवी रिपेयर, बोगी रिपेयर, ड्रॉप पिट और जैक पिट जैसी तकनीकी सुविधाओं के लिए 5 अलग लाइनें बनाई गई हैं, जबकि स्पर और शंटिंग कार्य के लिए 3 अतिरिक्त लाइनें विकसित की जा रही हैं।

दौसा दिशा में भी इंजन बदलने, स्टेबलिंग और पानी भरने जैसी सुविधाओं के लिए 2 अतिरिक्त लाइनें तथा स्पर/शंटिंग के लिए 2 अलग लाइनें तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा व्हील लेथ शेड, चार्जिंग आदि कार्यों के लिए 4 नई लाइनें विकसित की जा रही हैं। स्टेशन परिसर में 3 मंजिला प्रशासनिक भवन, यार्ड मास्टर कार्यालय तथा 2 मंजिला लिनन रखरखाव भवन का निर्माण भी प्रगति पर है।

इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण 205 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा कोच केयर कॉम्पलेक्स है, जिसमें ट्रेनों के रखरखाव के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस कॉम्पलेक्स में ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट, कंप्यूटरीकृत व्हील प्रोफाइल मैनेजमेंट सिस्टम, सिंक्रोनाइज्ड इलेक्ट्रिकली ऑपरेटेड जैक, कोच लिफ्टिंग यूनिट, वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट, उच्च क्षमता वाले क्रेन और मोटर ड्रिवन विन्चिंग मशीन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं। इन सुविधाओं के विकसित होने के बाद ट्रेनों के कोचों को रखरखाव के लिए अन्य स्थानों पर भेजने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा संचालन में दक्षता बढ़ेगी।

खातीपुरा टर्मिनल भविष्य में वंदे भारत, एलएचबी कोच और डीएमयू रेक सहित विभिन्न प्रकार के रोलिंग स्टॉक के केंद्रीकृत रखरखाव में सक्षम होगा। इससे यह स्टेशन पश्चिम रेलवे क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण मेंटेनेंस केंद्र बन सकता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार खातीपुरा को सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित करने से जयपुर शहर में रेल यातायात का संतुलन बेहतर होगा और अधिक ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश