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जय तेजाजी के जयकारों से गूंजा खरनाल, मुख्य मेले में उमड़ी आस्था

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जय तेजाजी के जयकारों से गूंजा खरनाल, मुख्य मेले में उमड़ी आस्था


नागौर, 21 सितंबर (हि.स.)।लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली खरनाल में सोमवार को मुख्य मेले का भव्य आयोजन हो रहा है। तेजाजी महाराज के दर्शन और मेले में शामिल होने के लिए राजस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही जारी है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। मेले में करीब 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

सुबह करीब 5 बजे वीर तेजाजी मंदिर में आरती के साथ मेले का शुभारंभ हुआ। आरती के बाद मंदिर परिसर में धर्मसभा आयोजित की जा रही है, जिसमें संत-महात्मा श्रद्धालुओं को धर्म और लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज की जीवनगाथा से जुड़े प्रसंगों का संदेश दे रहे हैं। मंदिर परिसर में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है और जयकारों से पूरा खरनाल भक्तिमय नजर आ रहा है।

600 पुलिसकर्मी और 200 से अधिक सेवादार संभाल रहे व्यवस्था

मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। करीब 600 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। वहीं 200 से अधिक सेवादार जोधपुर-नागौर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाए रखने के लिए मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

हर घर में मेहमानों का स्वागत, निभ रही ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा

खरनाल में मेले को लेकर ग्रामीणों में भी खासा उत्साह है। गांव में ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा जीवंत दिखाई दे रही है। ग्रामीण अपने घरों में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का मेहमानों की तरह सत्कार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को तेजाजी महाराज का प्रसाद वितरित किया जा रहा है। गांव का माहौल भक्ति और सेवा भावना से ओतप्रोत नजर आ रहा है।

देर रात तक गूंजा तेजा गायन

मुख्य मेले से एक दिन पहले रविवार रात वीर तेजाजी मंदिर में पारंपरिक तेजा गायन का आयोजन किया गया। भोपाली दरियाव महाराज ने श्रद्धालुओं को वीर तेजाजी महाराज की कथा सुनाई। कथा और तेजा गायन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक मंदिर परिसर में मौजूद रहे। लोकगायन और धार्मिक प्रसंगों ने मेले के माहौल को और भक्तिमय बना दिया।

सुरसुरा से लाई गई अखंड ज्योत

खरनाल मेले की धार्मिक परंपरा में सुरसुरा से लाई जाने वाली अखंड ज्योत का भी विशेष महत्व है। वीर तेजाजी महाराज की वीर गति स्थली सुरसुरा से यह ज्योत खरनाल लाई जाती है। परंपरा के अनुसार यह ज्योत वर्षभर तेजाजी मंदिर में प्रज्वलित रहती है। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अखंड ज्योत के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।

खरनाल से नागौर तक 13 किलोमीटर साइकिल दौड़

मेले के दौरान खरनाल से नागौर तक करीब 13 किलोमीटर की साइकिल दौड़ भी आयोजित की गई। इससे धार्मिक आयोजन के साथ खेल और युवा सहभागिता का रंग भी मेले में दिखाई दिया। खरनाल में सोमवार को आस्था, लोकपरंपरा, सेवा और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित