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चंबल के अधिशेष जल से धौलपुर के पार्वती-रामसागर बांध भरे जाएंगे

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चंबल के अधिशेष जल से धौलपुर के पार्वती-रामसागर बांध भरे जाएंगे


धौलपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। हाड़ौती अंचल में बारिश के बाद कोटा डैम से पानी छोड़े जाने पर चंबल नदी में पानी की आवक बढ़ने से धौलपुर के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। अब वर्षाकाल में चंबल के इसी अधिशेष जल का उपयोग करने के लिए धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड के कालतीर में लिफ्ट परियोजना का काम चल रहा है। परियोजना के तहत चंबल के अधिशेष पानी को करीब 180 मीटर की ऊंचाई तक लिफ्ट कर पार्वती और रामसागर बांधों को पूर्ण क्षमता तक भरने का प्रावधान है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार कालतीर लिफ्ट परियोजना के लिए 800.04 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। निविदा प्रक्रिया के बाद 642.89 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी किया गया। परियोजना का काम 25 मई 2023 को शुरू हुआ था और वर्तमान में प्रगतिरत है।

परियोजना में करीब 10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन, दो पंप हाउस, एप्रोच चैनल और 132 केवी जीएसएस के निर्माण का प्रावधान है। परियोजना के तहत सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि विभिन्न डिजाइन एवं तकनीकी दस्तावेजों के अनुमोदन की प्रक्रिया जारी है।

विभाग के मुताबिक अब तक करीब 9,123 मीटर डक्टाइल आयरन पाइप की आपूर्ति हो चुकी है। करीब 600 मीटर पाइपलाइन के लिए खुदाई और 530 मीटर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। पाइपलाइन, पीएस-2 फाउंडेशन तथा अन्य निर्माण कार्य जारी हैं। परियोजना के आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों का निर्माण भी प्रगतिरत है।

परियोजना के माध्यम से सरमथुरा, बाड़ी, बसेड़ी, सैंपऊ और धौलपुर क्षेत्र में जल उपलब्धता मजबूत होने की उम्मीद है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से जिले के 483 गांवों तथा बाड़ी, बसेड़ी और सरमथुरा के शहरी क्षेत्रों की करीब 6.25 लाख आबादी को मांग के अनुसार पेयजल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

परियोजना पूरी होने के बाद वर्षाकाल में चंबल नदी के अधिशेष पानी को जल भंडारण और पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोग किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण और शहरी आबादी के लिए दीर्घकालीन पेयजल सुरक्षा को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप