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मानसून में दुधारू पशुओं के रख रखाव व प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण

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मानसून में दुधारू पशुओं के रख रखाव व प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण


जोधपुर, 09 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर द्वारा संचालित पशु विज्ञान केंद्र जोधपुर में आज पशुपालकों के लिए मानसून में दुधारू पशुओं का रखरखाव एवं प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य वर्षा ऋतु में पशुओं को होने वाली बीमारियों की रोकथाम, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रति पशुपालकों को जागरूक करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र प्रभारी डॉ. सतेंद्र कुमार यादव ने कहा कि मानसून के दौरान पशुओं के स्वास्थ्य की विशेष देखभाल अत्यंत आवश्यक है। इस मौसम में नमी एवं गंदगी के कारण विभिन्न संक्रामक एवं परजीवी जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने पशुपालकों को पशुशाला की नियमित सफाई, सूखा एवं स्वच्छ बिछावन, संतुलित पोषण, स्वच्छ पेयजल तथा समय पर टीकाकरण एवं कृमिनाशन कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखते हुए दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

प्रशिक्षण में पधारे पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. गणपत भाटी ने मानसून के दौरान दुधारू पशुओं में होने वाले रोगों की पहचान, बचाव एवं उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से गलघोटू, लंगड़ा बुखार, खुरपका-मुंहपका, परजीवी संक्रमण तथा थनैला जैसी समस्याओं से बचाव के उपाय बताते हुए समय पर टीकाकरण, कृमिनाशन एवं संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पशुपालकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। प्रशिक्षण के दौरान पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पेट के कीड़ों की रोकथाम हेतु कृमिनाशक दवाइयों का वितरण भी किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश