रोपाड़ा नाले पर जेडीए बनाएगा दो पुल, खर्च होंगे साढ़े 6 करोड़
जयपुर, 17 मार्च (हि.स.)। गोनेर रोड से जुड़े रोपाडा नाले पर जयपुर विकास प्राधिकरण दो पुल बनाएगा। पुल बनाने पर करीब साढ़े 6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दोनों पुल एक साल में बनकर तैयार होंगे। पुल बनाने का काम करणी ट्रेडर्स कम्पनी कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गोनेर रोड से रिंग रोड के बीच रोपाडा नाला करीब 2200 मीटर लम्बा है। इस पर एक किलोमीटर की दूरी में दो पुल बनाए जाएंगे। पुल 36 मीटर चौड़ा, 23 मीटर लम्बा और 5 मीटर ऊंचा बनेगा। पुल बनाने से कई कॉलोनियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। जेडीए ने पुल बनाने के लिए फरवरी 2027 तक का लक्ष्य तय किया है।
जाेन-10 के एक्सईएन मनाेज कुमार ने बताया कि नाले पर पुलिया बनाए जाने से स्थानीय लाेगाें काे काफी राहत मिलेगी और वे अपने गतव्य पर जाने के लिए अतिरिक्त चक्कर से बच जाएंगे। पुल बनने से जेडीए की याेजनाएं भी आपस में जुड जाएंगी।
उन्होंने बताया कि रोपाड़ा और खोरी रोपाड़ा में जेडीए की हेरिटेज सिटी के अलावा एक अन्य योजना है। वहीं दूसरी और रेलवे लाइन के पास जेडीए की मैरिज गार्डन योजना है। पुल बनने से जेडीए की हेरिटेज सिटी, रिंग रोड से जुडी अन्य सड़कों के साथ मैरिज गार्डन योजना से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। इसके अलावा दोनों तरफ बसी दो दर्जन कॉलोनियां भी आपस में सीधे तौर पर जुड़ जाएंगी। वर्तमान में खोरी रोपाडा या हेरिटेज सिटी से खातीपुरा स्टेशन या मेरिज गार्डन योजना जाने के लिए 5 से 8 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है जो कि घटकर 2 से 4 किमी के बीच रह जाएगी।
वर्तमान में जिसे रोपाड़ा का नाला भी बोला जाता है वह किसी समय में बरसाती नदी हुआ करती थी जो कि खोह नागोरियान में झालाना की पहाडियों से निकलकर ढूंढ़ नदी में मिलती थी। यह नदी करीब 10 से 12 किमी लम्बी थी। शहर के विकास के साथ यह नदी अपना अस्तित्व खोती चली गई और अब सिर्फ नाला बनकर रह गई है। हालांकि भारी बारिश होने की अवस्था में यह नदी कई बार कई कॉलोनियों को नुकसान पहुंचा चुकी है। वर्तमान में नाले में इंदिरा गांधी नगर का सीवेरज का ट्रीटेज पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा इसमें आस-पास की कॉलोनियों और गोनेर रोड का बरसात का पानी आता है। इस पानी हिंगोनिया में जाकर ढूंढ़ नदी में मिल जाता है।
पिछले साल जेडीए की सीमाओं का पुनर्गठन किया गया था। सीमा विस्तार के बाद जेडीए में बढ़कर 27 जोन हो गए थे। जेडीए की सीमा का विस्तार 10 अक्टूबर 2025 में किया गया था। जेडीए कई कॉलोनियों को निगम के सुपुर्द करने जा रहा है। ऐसे में जेडीए ने पुराने जोनों का पुनर्गठन किया है। जेडीए कमेटी की अनुशंसा पर जोन 1 से 6 और पीआरएन उत्तर और दक्षिण का पुनर्गठन कर चार जोन बनाए गए है। जोन एक व तीन को मिलाकर जोन-ए, जोन 2 और 6 को जोन- बी, जोन 4 और 5 से जोन- सी और पीआरएन उत्तर और दक्षिण को पीआरएन नवीन जोन बनाए गए है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

