home page

जेडीए सीमा विस्तार पर उठे सवाल, आधे से ज्यादा जयपुर अब भी सीवरेज-ड्रेनेज से वंचित

 | 
जेडीए सीमा विस्तार पर उठे सवाल, आधे से ज्यादा जयपुर अब भी सीवरेज-ड्रेनेज से वंचित


जयपुर, 27 मार्च (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की सीमा को दोगुना कर 6000 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाने के फैसले के बीच शहर में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वर्तमान में राजधानी की 60 फीसदी से अधिक आबादी सीवरेज, ड्रेनेज सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।

जेडीए ने हाल के दिनों में करीब 600 नए गांवों को अपनी सीमा में शामिल किया है। इसके बावजूद मौजूदा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास की गति धीमी बनी हुई है। पिछले वर्षों में विकसित की गई 135 से अधिक कॉलोनियों में से करीब 70 कॉलोनियां अब भी सीवरेज और ड्रेनेज सुविधा से वंचित हैं। शहर के कई हिस्सों में दशकों से सीवरेज लाइन नहीं डाली जा सकी है। रिंग रोड क्षेत्र तथा अजमेर, सीकर और आगरा रोड से सटी कॉलोनियों में भी यही स्थिति बनी हुई है। बरसात के दौरान ड्रेनेज सिस्टम के अभाव में सड़कों पर जलभराव की समस्या आम हो जाती है, जिससे आमजन और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है।

हालांकि जेडीए ने मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के पीआरएन एरिया में सीवरेज कार्य शुरू किया है, लेकिन शहर के अन्य क्षेत्रों में अब भी कार्य लंबित है। जेडीए के डायरेक्टर इंजीनियर अजय गर्ग ने बताया कि शहर में ड्रेनेज और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की जा रही है।

वहीं, जेडीए की ओर से विकसित कई कॉलोनियों में वर्षों बाद भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने पर प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। निजी कॉलोनाइजरों पर सख्ती बरतने वाले जेडीए पर खुद अपनी कॉलोनियों में विकास कार्यों को लेकर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश