11 दिन तक रोशनी से जगमगाएंगे जयपुर के बाजार: दीपोत्सव में दिखेगी 300 साल पुरानी विरासत की झलक
जयपुर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मंदी की आशंकाओं के बीच जयपुर के व्यापारी इस बार दीपोत्सव को खास बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। नवरात्रि और दशहरे के बाद हर साल करीब एक सप्ताह तक रोशनी से जगमगाने वाले शहर के ऐतिहासिक बाजार इस बार 11 दिन तक सजेंगे। व्यापारियों का उद्देश्य बाजारों को आकर्षक बनाने के साथ दीपावली पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ाना और कारोबार को नई गति देना है। इसके लिए गुलाबी शहर के करीब 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित बाजारों में रोशनी और सजावट की विशेष व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार दीपोत्सव में जयपुर की 300 साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान की झलक भी दिखाई देगी।
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि सवाई जयसिंह द्वितीय के सपनों के शहर जयपुर की ऐतिहासिक पहचान को दीपावली की सजावट से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शहर की स्थापना के 300 वर्ष पूरे होने की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच व्यापारी इस उत्सव को विशेष स्वरूप देना चाहते हैं। ऐतिहासिक चारदीवारी से लेकर अन्य प्रमुख बाजारों तक रोशनी और सजावट के माध्यम से गुलाबी शहर की विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे दीपोत्सव का उत्साह बढ़ने के साथ स्थानीय कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
दीपावली पर बाजारों को आकर्षक बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन भी सहयोग करेगा। पंजीकृत व्यापार मंडलों को 11 दिन तक स्वागत द्वार लगाने की निशुल्क अनुमति और विज्ञापन संबंधी छूट देने की बात कही गई है। यह सुविधा मान्यता प्राप्त व्यापार मंडलों को अपने बाजारों में सामूहिक आयोजन करने के लिए मिलेगी। किसी व्यक्तिगत व्यापारी, निजी व्यक्ति या अन्य संस्था को व्यक्तिगत स्तर पर इसका लाभ नहीं मिलेगा। वहीं महापौर सुनील कोठारी ने व्यापार मंडलों से स्वागत द्वार मजबूत बनाने और उन्हें इस तरह स्थापित करने की अपील की कि यातायात और आमजन की आवाजाही बाधित नहीं हो। सामूहिक सजावट के माध्यम से बाजारों को एकरूप और आकर्षक बनाने के साथ अव्यवस्थित विज्ञापनों पर नियंत्रण रखने का प्रयास किया जाएगा।
दीपावली की तैयारियों और बाजारों की व्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुनील कोठारी की मौजूदगी में 60 से अधिक व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई थी। इसमें सजावट और विज्ञापन संबंधी छूट के अलावा नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स), सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पेड़ों की छंटाई और बाजारों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जहां व्यापारियों ने बाजारों से जुड़ी समस्याएं निगम प्रशासन के सामने रखीं। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि दीपावली के दौरान व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि दीपावली पर बाजारों में आकर्षक रोशनी के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। महापौर ने सजावट के दौरान बिजली के तारों को पूरी तरह सुरक्षित और ढका हुआ रखने के निर्देश दिए हैं। कहीं भी खुले तार नहीं रहने चाहिए। पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने और अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया है।
चारदीवारी क्षेत्र में सफाई के लिए अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारी लगाने की बात कही गई है। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग की कार्ययोजना तैयार करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सूचना मिलते ही कार्रवाई करने वाली व्यवस्था लागू करने की योजना है।
दीपावली पर बाजारों में सजावट और रोशनी को लेकर व्यापार मंडलों के बीच उत्साह बढ़ाने के लिए प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। महापौर ने घोषणा की है कि बेहतर रोशनी और सजावट करने वाले बाजारों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के आधार पर सम्मानित किया जाएगा। इससे बाजारों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापारियों को उम्मीद है कि 11 दिन तक चलने वाली सजावट, आकर्षक रोशनी और ऐतिहासिक विरासत की झलक से जयपुर के बाजारों में दीपावली का उत्साह बढ़ेगा। साथ ही, ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय कारोबार को गति मिलेगी और गुलाबी शहर की सांस्कृतिक पहचान भी नए रंग में नजर आएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

