जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने शुरू की ऑन-द-स्पॉट ई-चालान भुगतान की सुविधा
जयपुर, 02 जून (हि.स.)। ई-चालान के भुगतान में तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे वाहन चालकों को राहत देने के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने नई व्यवस्था लागू की है। अब वाहन चालक शहर के प्रमुख चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों की पीओएस मशीन के माध्यम से मौके पर ही अपने लंबित ई-चालानों का भुगतान कर सकेंगे। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर यह पहल शुरू की गई है।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) योगेश गोयल ने बताया कि यातायात पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई वाहन स्वामियों और चालकों को मोबाइल फोन पर ई-चालान पोर्टल के माध्यम से पेंडिंग चालानों का क्यूआर कोड जनरेट करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था शुरू की गई है।
डीसीपी योगेश गोयल ने बताया कि अब शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। वाहन चालक उनके पास उपलब्ध पीओएस मशीन के माध्यम से अपने बकाया चालानों का भुगतान कर सकते हैं।
इस सुविधा के तहत डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान स्वीकार किया जाएगा। भुगतान होते ही लंबित चालान का निस्तारण किया जा सकेगा।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए केवल सरकारी मान्यता प्राप्त आधिकारिक पोर्टलों का ही उपयोग करें। साथ ही सामान्य लंबित ई-चालानों की जानकारी और भुगतान के लिए परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्थिति जांची जा सकती है। वहीं जिन चालानों को न्यायालय अथवा वर्चुअल कोर्ट में भेजा जा चुका है, उनका निस्तारण संबंधित वर्चुअल कोर्ट पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि डिजिटल भुगतान या पोर्टल उपयोग के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो वाहन स्वामी अजमेरी गेट स्थित यातायात नियंत्रण कक्ष (यादगार भवन) की चालान शाखा में संपर्क कर सकते हैं। यहां अधिकारियों द्वारा चालान संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से लंबित ई-चालानों का समय पर भुगतान करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि चालान का समय पर निस्तारण नहीं करने पर भविष्य में कानूनी कार्रवाई, न्यायालयीन प्रक्रिया अथवा वाहन जब्ती जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जिम्मेदार नागरिक के रूप में यातायात नियमों का पालन करें और लंबित चालानों का समय पर भुगतान करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

