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जयपुर के निजी अस्पताल में दो मृतकों की बॉडी बदली, परिजनों ने किया हंगामा

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जयपुर के निजी अस्पताल में दो मृतकों की बॉडी बदली, परिजनों ने किया हंगामा


जयपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। दुर्गापुरा स्थित आंच हॉस्पिटल में शनिवार सुबह दो मृतकों की डेड बॉडी बदलने का मामला सामने आया। अस्पताल स्टाफ ने एक मृतक की बॉडी दूसरे मृतक के परिजनों को सौंप दी। परिवार बॉडी लेकर करीब 20 किलोमीटर दूर पहुंच गया, जिसके बाद अस्पताल को गलती का पता चला और उन्हें फोन कर वापस बुलाया गया। घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल के बाहर करीब दो घंटे तक धरना देकर हंगामा किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसीपी शिवदयाल बाजिया के अनुसार, 17 सितंबर को नावां निवासी 53 वर्षीय गिरधारी लाल और बानसूर निवासी घेसालाल को आंच हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार रात दोनों की मौत हो गई। शनिवार सुबह अस्पताल स्टाफ ने गिरधारी लाल की बॉडी घेसालाल के परिजनों को सौंप दी। परिजन बॉडी लेकर घर के लिए रवाना हो गए। करीब 20 किलोमीटर दूर पहुंचने पर अस्पताल स्टाफ ने फोन कर बॉडी बदलने की जानकारी दी और उन्हें वापस बुलाया।

इसके बाद दोनों मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे। गिरधारी लाल के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुबह करीब 8.30 बजे धरना शुरू कर दिया। जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश का प्रयास किया। परिजनों का आरोप था कि इतनी गंभीर गलती के बावजूद अस्पताल प्रशासन का रवैया उचित नहीं रहा। उन्होंने पुलिस पर शुरुआत में शिकायत दर्ज नहीं करने का भी आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार, बाद में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के हस्तक्षेप के बाद करीब 10 बजे एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

गिरधारी लाल के रिश्तेदार रमेश चौधरी ने अस्पताल प्रशासन पर उपचार में भी लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि गिरधारी लाल 17 सितंबर से वेंटिलेटर पर थे और फेफड़ों में संक्रमण था। परिजनों को मरीज से मिलने नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीज की मौत पहले ही हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल की ओर से उपचार जारी होने की जानकारी दी जाती रही और शनिवार सुबह मौत की सूचना दी गई।

हॉस्पिटल नर्सिंग सोसायटी के प्रवक्ता राजवीर सिंह ने बताया कि डेड बॉडी शिफ्ट करने की निर्धारित प्रक्रिया है। अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस में नावां-कुचामन क्षेत्र के मरीज की बॉडी ले जानी थी, लेकिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की गलती तथा एंबुलेंस चालक या परिजनों की गफलत के कारण दूसरी बॉडी उसमें रखकर रवाना हो गई। उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश