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14 दिन बाद ठीक होकर भक्तों को निहाल करेंगे जगन्नाथ

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14 दिन बाद ठीक होकर भक्तों को निहाल करेंगे जगन्नाथ


जयपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। भगवान श्री जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा से पूर्व, मंगलवार 14 जुलाई को गुलाबी नगरी के विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों में 'नेत्रोत्सव' बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। स्नान पूर्णिमा के बाद पिछले 14 दिनों से विश्राम काल में चल रहे भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा मंगलवार को पहली बार भक्तों को दर्शन देंगे। इस पावन अवसर पर छोटीकाशी के आधा दर्जन से अधिक जगन्नाथ मंदिरों में विशेष श्रृंगार, महाआरती, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जयपुर के 150 साल पुराने नाहरगढ़ रोड स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर, मानसरोवर धौलाई स्थित इस्कॉन मंदिर, प्रताप नगर और मुरलीपुरा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिरों में नेत्रोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। कई स्थानों पर भगवान को विशेष 'वनभोजी वेश' में सजाकर भक्तों के सम्मुख लाया जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्नान पूर्णिमा के दिन अत्यधिक स्नान करने के कारण भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा अस्वस्थ हो जाते हैं। इसके बाद वे 14 दिनों तक गुप्त विश्राम कक्ष में रहते हैं, जहाँ उनका आयुर्वेदिक उपचार होता है और इस अवधि में भक्तों के लिए दर्शन पूरी तरह बंद रहते हैं। नेत्रोत्सव के दिन विशेष पूजा-अर्चना और आंखों में काजल लगाने के बाद भगवान स्वस्थ होकर भक्तों को पुनः दर्शन देते हैं। इसी के साथ रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत मानी जाती है। नेत्रोत्सव के सफल आयोजन के बाद 16 जुलाई को जयपुर सहित देशभर में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्राएं निकाली जाएंगी। पुरी की तर्ज पर जयपुर के विभिन्न मंदिरों से निकलने वाली रथयात्राओं में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा सुंदर सुसज्जित रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा के मार्ग में श्रद्धालु पुष्पवर्षा, छप्पन भोग, महाआरती और हरिनाम संकीर्तन के साथ महाप्रभु का भव्य स्वागत करेंगे। सभी मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर प्रभु के दर्शन का पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश