जांच एमएन को दें या ‘सती’ होने की परमिशन दें – शीला सुखदेव गोगामेढ़ी ने दी चेतावनी
उदयपुर, 09 मार्च (हि.स.)। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष शीला सुखदेव गोगामेड़ी ने चेतावनी दी है कि या तो सरकार सुखदेव सिंह हत्याकांड की जांच एनआईए से हटाकर राजस्थान के सिंघम कहे जाने वाले आईपीएस अफसर दिनेश एमएन को सौंपे, या उन्हें इच्छा मृत्य ‘सती’ होने की स्वीकृति प्रदान करें।
शीला सुखदेव सोमवार को यहां उदयपुर लेकसिटी प्रेस क्लब के सभागार में पत्रकारों से मुखातिब थीं। आक्रोश भरे शब्दों में उन्होंने कहा कि दो साल तीन महीने हो गए, सरकार और समाज के बड़ों ने एनआईए को जांच सौंपने पर सहमति करवाई थी, लेकिन एनआईए ने अब तक किया क्या। ढाक के तीन पात ही रहे। रंगदारी के लिए फोन आ ही रहे हैं और व्यापारियों की हत्या भी हो ही रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कठपुतली सरकार ने प्रशासन को भी कठपुतली बना रखा है। उन्होंने कहा कि रोहित गोदारा, वीरेन्द्र चारण जैसे आरोपी गुजरात में हैं और खुलेआम रंगदारी का खेल कर रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकाण्ड में भी अब तक एनआईए ने क्या कर लिया। आरोपियों को तो राजस्थान की पुलिस ने ही पकड़ लिया था। उसके बाद कन्हैया के परिवार को तो न्याय अब तक नहीं मिला। शीला सुखदेव ने राजनेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि इतनी ही चिंता होती तो विधानसभा में कोई तो यह सवाल उठाता।
राष्ट्रीय महामंत्री योगेंद्र सिंह कटार ने कहा कि 29 मार्च को जयपुर में सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा। इस बार करणी सेना आर-पार के मूड में है। यह महापड़ाव होगा। अब प्रतीक्षा सब्र से बाहर है। जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुण्डावत ने कहा कि उदयपुर से भी हजारों की संख्या में राजपूत युवा जयपुर जाएंगे। करणी सेना पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि सरकार गंभीर निर्णय नहीं करती तो पंचायती राज चुनाव में जवाब दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

