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अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने एसकेआरएयू के रोजड़ी फार्म में मूंग-मोठ की खेती देखी

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अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने एसकेआरएयू के रोजड़ी फार्म में मूंग-मोठ की खेती देखी


बीकानेर, 19 सितंबर (हि.स.)। शुष्क क्षेत्रों में दलहनी फसलों और कृषि गतिविधियों की जानकारी लेने आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने भ्रमण के दूसरे दिन स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू) के रोजड़ी फार्म का निरीक्षण किया।

विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. एन.के. शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को फार्म का भ्रमण कराकर मूंग और मोठ की खेती की तकनीक एवं विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

इस दौरान स्थानीय किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। किसानों ने स्थानीय फसलों के उत्पादन में आ रही चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न नई समस्याओं और कृषि से जुड़े आर्थिक पहलुओं की जानकारी साझा की। वहीं, किसानों ने अफ्रीकी देशों के शुष्क क्षेत्रों में फसल उत्पादन और कृषि की संभावनाओं के बारे में प्रतिनिधिमंडल से जानकारी ली।

किर्क हाउस ट्रस्ट की डॉ. क्लोडिया ने कहा कि भ्रमण के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान से जुड़े सदस्यों को भारत के शुष्क और गर्म क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी फसलों की तकनीकी बारीकियों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। उन्होंने विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय किसानों की कृषि गतिविधियों में शोध कार्यों का प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित दलहनी फसलों के जर्मप्लाज्म का अफ्रीकी देशों के साथ आदान-प्रदान किया जा रहा है। इससे कृषि विविधता और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के बीच संवाद भी हुआ, जिसमें कृषि अनुसंधान और फसल उत्पादन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव