डेटा आधारित समीक्षा का असर: करौली बना प्रदेश का शीर्ष प्रदर्शन करने वाला जिला
जयपुर, 05 मार्च (हि.स.)। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से फरवरी 2026 की जिला शैक्षणिक रैंकिंग जारी की गई है। इस रैंकिंग में करौली जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं झुंझुनूं दूसरे और हनुमानगढ़ तीसरे स्थान पर रहे। पिछले महीने शीर्ष तीन जिलों में शामिल चुरू इस बार फिसलकर छठें स्थान पर पहुंच गया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार यह रैंकिंग जिलों के प्रदर्शन की नियमित और आंकड़ा आधारित समीक्षा के उद्देश्य से तैयार की जाती है, जिससे स्कूल शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही को मजबूत किया जा सके। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के शैक्षणिक परिणाम, विद्यालयों के संचालन और प्रशासनिक संकेतकों के आधार पर समग्र मूल्यांकन किया गया है।
रैंकिंग तैयार करने में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत योग्यता आधारित मूल्यांकन, विद्यार्थियों की पढ़ने की क्षमता का आकलन तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को प्रमुख आधार बनाया गया है। साथ ही विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, कक्षाओं में शिक्षण की गुणवत्ता, विद्यालयों के निरीक्षण और शैक्षणिक परीक्षणों में विद्यार्थियों के प्रदर्शन जैसे मानकों को भी शामिल किया गया है।
ताजा रैंकिंग में डूंगरपुर, सीकर, सवाई माधोपुर, भरतपुर, अलवर और श्रीगंगानगर भी शीर्ष दस जिलों में शामिल हुए हैं। वहीं सूची में बारां, उदयपुर और जोधपुर अंतिम स्थानों पर रहे। विभाग का मानना है कि सीखने के परिणामों पर बढ़ते जोर और उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा के कारण यह जिला रैंकिंग शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही और लक्षित सहयोग सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

