गोबर और मिट्टी के दीयों से रोशन करें दीपावली : देवस्थान मंत्री कुमावत
जयपुर, 02 नवंबर (हि.स.)। दीपावली पर इस बार घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए गाय के गोबर और मिट्टी से बने दीयों तथा कलाकृतियों का उपयोग करें। इससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण होगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को रोजगार और आर्थिक संबल मिलेगा। यह अपील पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने की है।
कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प को साकार करने के लिए स्थानीय उत्पादों को अपनाना जरूरी है। गोबर से बने उत्पादों और पारंपरिक मिट्टी के दीयों को प्रोत्साहन देने से स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार दीपावली के अवसर पर देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले प्रमुख मंदिरों की विशेष साज-सज्जा और रोशनी के लिए राज्य सरकार ने बजट जारी किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश के आराध्य देवों और प्रमुख मंदिरों की सजावट के लिए लगातार आर्थिक सहयोग दे रही है।
कुमावत ने कहा कि मंदिरों की विशेष सजावट से दीपावली की रौनक बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की आस्था को भी प्रोत्साहन मिलता है। इससे धार्मिक पर्यटन को नया विस्तार मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार दीपावली प्रदेश में समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

