home page

चित्तौड़ फोर्ट के अवैध निर्माण पर चला पीला पंजा

 | 
चित्तौड़ फोर्ट के अवैध निर्माण पर चला पीला पंजा


चित्तौड़गढ़, 14 जून (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग पर वर्षों से होते आ रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमणों के खिलाफ प्रशासन ने रविवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू के निर्देश पर सुबह करीब 5 बजे प्रशासनिक अमला भारी पुलिस जाप्ते के साथ दुर्ग पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। रविवार को सुबह दो अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है। शेष अतिक्रमण पर भी शीघ्र कार्यवाही होनी है।

पुरातत्व विभाग के नोडल अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि कार्रवाई के तहत राणा रतन सिंह महल के सामने करीब 14 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फैले अवैध अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। वहीं पुरातत्व विभाग की चौकी के समीप बनी गगनचुंबी अवैध इमारत पर भी प्रशासन का हथौड़ा चल रहा है। कार्रवाई को लेकर पूरे दुर्ग क्षेत्र में हलचल का माहौल है।

इतने दिनों क्यों चुप रहा पुरातत्व विभागइधर, सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की निगरानी वाले संरक्षित क्षेत्र में आखिर इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण हुए कैसे? जब पुरातत्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार तैनात थे, तब नियमों की खुली धज्जियां उड़ाने वालों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

प्रशासनिक अधिकारियों का लगा जमावड़ा

मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय रामचंद्र खटीक, उपखंड अधिकारी बिनु देवल, पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह, शहर कोतवाल तुलसीराम, सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह, यातायात प्रभारी आशुतोष सिंह, नगर परिषद आयुक्त रविंद्र सिंह यादव सहित प्रशासन, पुलिस, पुरातत्व विभाग और नगर परिषद के अधिकारी मौजूद हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पूरे दिन कार्रवाई की संभावना

सूत्रों के अनुसार कार्रवाई पूरे दिन जारी रहने की संभावना है। प्रशासन की इस सख्ती के बाद दुर्ग क्षेत्र में मौजूद अन्य बड़े अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। आमजन का कहना है कि यदि यह अभियान निष्पक्ष और लगातार चला तो विश्व धरोहर चित्तौड़ दुर्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में यह सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अखिल