सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और वेतन संबंधी दावों का आईआईएसडी ने किया खंडन
जयपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान शिक्षा परिषद में व्यवसायिक प्रशिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन और वेतन भुगतान को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट (आईआईएसडी) ने भ्रामक बताया है।
आईआईएसडी के नेशनल हेड पंकज कुमार ने कहा कि कुछ लोग तथ्यों को छिपाकर संस्था की छवि खराब करने और ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राजस्थान शिक्षा परिषद ने 12 जून 2023 को गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर 51 व्यवसायिक प्रशिक्षकों के दस्तावेज त्रुटिपूर्ण पाए थे। इसके बाद वर्ष 2023-24 में संबंधित प्रशिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए। सक्षम स्तर से आदेश मिलने तक उनका वेतन जारी नहीं किया जा सकता।
पंकज कुमार ने कहा कि जिन प्रशिक्षकों के दस्तावेज सही पाए गए हैं, उनका वेतन नियमित रूप से दिया जा रहा है। कुछ जिलों में बकाया वेतन का भी भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने सभी प्रशिक्षकों का वेतन रोके जाने, 25 हजार रुपए वेतन दिए जाने तथा 7 से 10 हजार रुपए की कटौती किए जाने के दावों को गलत बताया। उनके अनुसार प्रशिक्षकों को 20 हजार और 22 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है तथा नियमानुसार केवल टीडीएस की कटौती होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा आईआईएसडी कार्यालय का वीडियो करीब तीन माह पुराना है, जबकि उसके बाद कई महीनों का वेतन जारी किया जा चुका है। पंकज कुमार ने संबंधित लोगों से तथ्यों की पुष्टि किए बिना भ्रामक जानकारी प्रसारित नहीं करने तथा अपनी शिकायतें निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित विभाग या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

