मवेशियों को बचाने दौड़े पति-पत्नी, खुद करंट की चपेट में आए; 15 भेड़-बकरियों समेत दोनों की मौत
बाड़मेर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। बाड़े में बंधी भेड़-बकरियां अचानक करंट से तड़पने लगीं। यह देखकर खेत मालिक रावताराम उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन बाड़े में लगे लोहे के जाल को छूते ही वह खुद करंट की चपेट में आ गए। पति को छटपटाते देख पत्नी वीरों देवी भी उन्हें बचाने पहुंचीं, मगर वह भी बिजली के करंट से झुलस गईं। कुछ ही पलों में खेत का बाड़ा मौत का मंजर बन गया। इस दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी और 15 भेड़-बकरियों की मौत हो गई।
घटना गुरुवार को बाड़मेर जिले के नागाणा थाना क्षेत्र के खीपसर गांव की है। खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटकर मवेशियों के बाड़े पर गिर गया था। इससे पूरे बाड़े में करंट फैल गया। हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं और पीछे तीन बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, रावताराम (45) और उनकी पत्नी वीरों देवी (41) गुरुवार को खेत पर काम कर रहे थे। पास के बाड़े में उनकी 15 भेड़-बकरियां बंधी हुई थीं। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर बाड़े पर गिर गया। बिजली का करंट फैलने से मवेशी तड़पने लगे।
मवेशियों को संकट में देखकर रावताराम उन्हें बचाने के लिए बाड़े में पहुंचे। वहां लगे लोहे के जाल के संपर्क में आते ही वह करंट की चपेट में आ गए। पति को बचाने के लिए वीरों देवी भी आगे बढ़ीं, लेकिन वह भी करंट से झुलस गईं। हादसे में दोनों की मौत हो गई। उनके साथ बाड़े में मौजूद 15 भेड़-बकरियों ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद करवाने के लिए संबंधित बिजली केंद्र और कर्मचारियों से संपर्क किया। ग्रामीणों का आरोप है कि तार टूटने की सूचना देने के बावजूद बिजली बंद करने में काफी देर हुई। उनका कहना है कि खीपसर बिजली केंद्र पर तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करने के लिए कर्मचारी मौजूद नहीं था। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद हादसे की स्थिति स्पष्ट हुई, लेकिन तब तक पति-पत्नी की जान जा चुकी थी।
बिजली बंद करने में कथित देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
हादसे में जान गंवाने वाले रावताराम और वीरों देवी के परिवार में दो बेटे हरजीराम (22), विष्णाराम (20) और एक बेटी साजियों (18) हैं। माता-पिता की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण सुबह करीब 11 बजे से धरने पर बैठ गए। ग्रामीण बिजली आपूर्ति बंद करने में कथित देरी को लेकर नाराजगी जता रहे हैं और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। बायतु के पुलिस उप अधीक्षक दीपेंद्र सैनी ने बताया कि फिलहाल परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर सहमति बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

