हुक्का बार संचालन पर जयपुर कमिश्नरेट में दो माह की रोक
जयपुर, 05 फ़रवरी (हि.स.)। गुलाबी नगरी जयपुर में तेजी से बढ़ते हुक्का कल्चर और इससे जुड़े आपराधिक मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कदम उठाया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी करते हुए पूरे कमिश्नरेट क्षेत्र में हुक्का बार के संचालन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।पुलिस की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जयपुर शहर में होटल, रेस्टोरेंट, नाइट क्लब, डिस्कोथेक, फार्म हाउस और अन्य ईटिंग हाउसों में देर रात तक चलने वाली हुक्का पार्टियां युवाओं के बीच स्टेटस सिंबल बनती जा रही थीं। इन आयोजनों के दौरान नशे की स्थिति में कई बार मारपीट, अव्यवस्था और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और जन सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।पुलिस कमिश्नरेट ने जनहित और लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। जारी निषेधाज्ञा के तहत 06 फरवरी 2026 से 06 अप्रैल 2026 तक जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, बार, पब या सार्वजनिक एवं निजी स्थल पर हुक्के का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि राजस्थान में हुक्का बार संचालन को लेकर स्पष्ट नियमों और दिशानिर्देशों के अभाव का लाभ उठाकर कई संचालक मनमानी कर रहे थे। इससे न केवल स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ रहे थे, बल्कि नशे से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा था।पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी संचालक, संस्थान या व्यक्ति इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दण्डनीय अभियोग दर्ज किया जाएगा। साथ ही सभी थानाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

