सितंबर का पावन महीना: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से होगी शुरुआत, गणेश चतुर्थी और पितृपक्ष समेत हाेंगे बड़े व्रत
जयपुर, 29 अगस्त (हि.स.)। सितंबर का महीना धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास और पावन रहने वाला है। इस माह कई बड़े व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। महीने की शुरुआत जहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व से होगी, वहीं हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी, राधाष्टमी और पद्मा एकादशी जैसे प्रमुख व्रत भी इसी माह में रखे जाएंगे। महीने के अंत में पितृपक्ष का शुभारंभ होगा। गोविंद देवजी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर पिछले एक सप्ताह से ही उत्सव का माहौल बना हुआ है।
सितंबर माह के प्रमुख व्रत और त्योहार
चार सितंबर शुक्रवार भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को कृष्ण जन्मोत्सव भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। वहीं 7 सितंबर सोमवार को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति के लिए अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। 10 सितंबर गुरुवार को पिठोरी/कुशाग्रहणी अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन पितरों के पूजन और वर्षभर के धार्मिक कार्यों के लिए कुशा एकत्र की जाएगी। 14 सितंबर सोमवार को हरतालिका तीज मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती का पूजन करेंगी। 14 सितंबर सोमवार को 10 दिवसीय गणेश उत्सव का शुभारंभ होगा और घर-घर में गणपति बप्पा की स्थापना की जाएगी। 18 सितंबर शुक्रवार को महालक्ष्मी व्रत आरंभ होगा। इसदिन सुख-समृद्धि की कामना के लिए 16 दिवसीय महालक्ष्मी व्रत शुरू होंगे। 19 सितंबर शनिवार को राधाष्टमी मनाई जाएगी। इसदिन श्रीराधा रानी के प्राकट्य दिवस पर विशेष पूजा-अर्चना होगी। 22 सितंबर मंगलवार को पद्मा एकादशी मनाई जाएगी। इसदिन भगवान विष्णु के निमित्त पद्मा एकादशी का व्रत किया जाएगा। 23 सितंबर, बुधवार को वामन जयंती मनाई जाएगी। इसदिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की जयंती मनाई जाएगी। 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का आयोजन होगा। इसदिन गणेश उत्सव का समापन होगा और बप्पा को भावभीनी विदाई दी जाएगी। 26 सितंबर, शनिवार प्रोष्ठपदी पूर्णिमा श्राद्ध आरंभ होगे। भाद्रपद पूर्णिमा पर पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध कार्य किए जाएंगे। 27 सितंबर, रविवार को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का 16 दिवसीय पितृपक्ष शुरू होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

